
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। शहर में इन दिनों रिहायसी नक्शों पर बन रहीं कमर्शियल इमारतों का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है तथा एक सत्ताधारी नेता जी की सक्रिय भूमिका के चलते मामला और भी पेचीदा प्रतीत हो रहा है। आलम यह है कि एकाध मरले वालों को तंग परेशान किया जा रहा है और बड़ी मछलियों व मगरमच्छों के लिए पीछे के दरवाजे से कार्य करवाने के रास्ते खोले जा रहे हैं। जिससे आम लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

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3-4 दिन पहले शहर की सब्जी मंडी (भगवान वाल्मीकि चौक) के समीप एक इमारत का मामला प्रकाश में आया था, जिसकी 2 (करीब डेढ़) मंजिल ही कमर्शियल नक्शे की पास बताई जा रही थी तथा इमारत के मालिक द्वारा दूसरी मंजिल को पूरा बना लिया गया और उसने यहीं रुकना वाजिब नहीं समझा बल्कि 3 व चौथी मंजिल भी उठा डाली। जबकि नियमानुसार 3 व 4 मंजिल बनाने से पहले उसके हिसाब से पार्किंग के लिए जगह छोड़नी होती है, पर मौके पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। हालांकि नगर निगम द्वारा उक्त इमारत को सील कर दिया गया था, लेकिन 1-2 मंजिल का नक्शा पास होने के चलते उसकी सील खोल दी गई तथा 3-4 मंजिल को सील रखा गया है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में क्या निगम कोई ठोस कार्यवाही कर पाता है या फिर किसी दवाब के चलते मामला लटकाकर रफा-दफा करने की विसात विछाई जाती है।
ताजा जानकारी अनुसार पता चला है कि दुकान मालिक द्वारा पिछली तरफ मोहल्ले की तरफ भी दुकान का मुंह निकाला गया है और वहां भी लिमिट से अधिक एरिया कवर किया गया है (यानि कि पार्किंग के लिए जगह नहीं छोड़ी गई), जिस संबंधी भी निगम द्वारा जांच की जा रही है। यह भी पता चला है कि रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी हाल ही में एक आदेश जारी किया गया है, जिसे लागू करवाने के लिए भी प्रक्रिया को अमल में लाए जाने की बात सामने आ रही है।
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त इमारत संबंधी गहनता से जांच की जा रही है और अधिक किए गए कवर एरिया को रिमूव करने तथा ऊपर की मंजिलों का कार्य रोकने संबंधी कार्यवाही को अमल में लाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और उच्चाधिकारियो के निर्देशों पर जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा। अब देखना यह होगा कि इस मामले में क्या निगम कोई ठोस कार्यवाही कर पाता है या फिर किसी दवाब के चलते मामला लटकाकर रफा-दफा करने की विसात विछाई जाती है।











