
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सरकार और माइनिंग विभाग के दावों के विपरीत खनन माफिया कथित मिलीभगत के चलते धरती का सीना चीरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। जिसके चलते वातावरण असंतुलन तो पैदा हो ही रहा है साथ ही जहां से रेत या मिट्टी उठाई जा रही है उसके आसपास की सड़कों एवं खेतों को भी खतरा पैदा हो रहा है। एक तरफ जहां माइनिंग माफिया ने रोक के बावजूद कई स्थानों पर खनन की सारी हदें पार कर दी हैं वहीं इस काम में लगे कुछ लोगों की तरफ से खनन का नया हथकंडा अपनाया जा रहा है। उनके द्वारा ट्रैक्टर के पीछे गड्डा बांधकर चोअ से रेत निकाली जा रही है। इतना ही नहीं सूत्रों से पता चला है कि वह ऐसा करके रेत को ट्राली में भरते हैं और सप्लाई करते हैं।

गांव बस्सी गुलाम हुसैन एवं धोबीघाट के साथ लगते चोअ में से धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। जानकारी अनुसार गधों के माध्यम से तथा घोड़ा गाड़ी या गड्डे (बैल गाड़ी) के माध्यम से रेत बेचने वालों को काफी राहत दी गई है क्योंकि वह दिन में एकया दो बार ही रेत निकाल पाते हैं तथा इसी के माध्यम से इससे जुड़े लगों की जीविका चल रही है। लेकिन इसी राहत की आड़ में कुछ लोगों ने गड्डे को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर रेत निकालनी शुरु कर दी है तथा उनके द्वारा चोअ के किनारों को कमजोर किया जा रहा है, लेकिन उन्हें रोकने वाला शायद कोई नहीं। खनन माफिया पर कड़ी नज़र रखने वाले विभाग ने भी शायद इस मामले में आंखें बंद रक रखी हैं। अन्यथा, गड्डे, गधे व घोड़ा गाड़ी के माध्यम से छोटा-मोटा काम करने वालों की जीविका पर खनन माफिया की नज़र न पड़ती। अब देखना यह होगा कि ऐसा काम करने वालों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है या फिर फर्ज की इतिश्री करने हेतु जनता की आंखों में धूल झोंक दी जाती है।











