
फरीदाबाद (द स्टैलर न्यूज़)। फरीदाबाद के सेक्टर-8 में खुले पड़े करीब 250 से 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की बच्ची नेहा को करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने बच्ची को बाहर निकालने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारणों की जानकारी सामने आएगी। बच्ची को बाहर निकालने के लिए हरियाणा पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी रात मौके पर जुटी रहीं। एनडीआरएफ अधिकारियों के मुताबिक, रविवार रात करीब 8 बजे बच्ची के बोरवेल में गिरने की सूचना मिली थी। करीब एक घंटे बाद गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान में शामिल हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के दौरान बचाव दल को बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। इससे टीम और मौके पर मौजूद लोगों को बच्ची के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद बनी हुई थी।

हालांकि कुछ समय बाद बच्ची की आवाज आनी बंद हो गई, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने अभियान और तेज कर दिया। नगर निगम की टीम ने बोरवेल की गहराई करीब 300 फीट बताई थी। एनडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, बोरवेल करीब ढाई साल से बंद पड़ा था और लगभग 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था। पानी, अधिक गहराई और बोरवेल की स्थिति के कारण बचाव दल को बच्ची तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं, इस बारे में नगर निगम के एक्सियन संजीव कुमार ने बताया कि, “बोरवेल को करीब 15 साल पहले ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। बोरवेल का ढक्कन हटाए जाने की जानकारी नगर निगम को नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी.जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”












