
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नई सोच संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशवनी गैंद ने एक मीटिंग के दौरान कहा कि देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राजनीतिक नेताओं को अपराध, नशे और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओं के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करना चाहिए। उनका कहना है कि आज देश के सामने युवाओं को नशे से बचाना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करना चुनौती है। उन्होने कहा कि यदि राहुल गांधी देश व्यापी स्तर पर नशामुक्त भारत और अपराधमुक्त समाज के लिए प्रभावी जनअभियान शुरू करते हैं, तो इससे युवाओं को सही दिशा देने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर कार्रवाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और युवाओं को भी मिलकर काम करना चाहिए।

इस अवसर पर अशोक शर्मा ने कहा कि नशे की समस्या का संबंध अपराध, युवाओं के भविष्य और परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से भी जुड़ता है। इसलिए नशे की आपूर्ति रोकने के साथ-साथ नशे की मांग कम करने, पुनर्वास और युवाओं के लिए रोजगार एवं खेल के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान देना जरूरी है। केंद्र सरकार ने भी 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए एक राष्ट्रीय रोडमैप पर जोर दिया है।
गैंद ने कहा कि देश में राजनीतिक मतभेद और लोकतांत्रिक बहस अपनी जगह है, लेकिन ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जो सीधे आम जनता के जीवन और भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे अपराध और नशे के खिलाफ ऐसा राष्ट्रीय अभियान चलाएं जिसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लोगों को जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, सामाजिक शांति और युवाओं का भविष्य सभी की सांझी जिम्मेदारी है, इसलिए राजनीतिक नेतृत्व को ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिए जो समाज को जोड़ें और नशे तथा अपराध जैसी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस जन भागीदारी पैदा करें। मौके पर मौजूद अशोक शर्मा, अवतार सिंह धालीवाल, राकेश ठाकुर, मनीष कुमार, अंकुश दोले, मनोहर लाल, मीनू वर्मा, योगेश धीर, सतीश कुमार, काकू, शुभम, शाम लाल, शिवा आदि।












