
मणिपुर (द स्टैलर न्यूज़)। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो लापता युवकों के क्षत-विक्षत शव पड़ोसी सेनापति जिले में मिलने के बाद लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों पर टायर जलाए और लकड़ियों तथा बड़े पत्थरों से रास्ते अवरुद्ध कर दिए। पुलिस ने इनमें से कुछ रास्तों को खुलवा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आंसू गैस का गोला लगने से एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोट आई है। उसकी हालत स्थिर है।

जिले के एक अधिकारी ने कहा कि जिले में तनाव बना हुआ है और सोमवार सुबह अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। हाल में लापता हुए दो युवकों के क्षत-विक्षत शव रविवार सुबह सेनापति जिले के एक पहाड़ी इलाके में मिले थे। 29 अक्टूबर को तफोउ कुकी गांव से लापता हुए टी चोंगलोई (21) और पाओगिनलाल हैंगशिंग (20) की तलाश के लिए चलाए गए अभियान के दौरान केले के एक बागान में बोरियों में भरे उनके शव मिले। उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो ने हत्याओं की निंदा की है। किपगेन ने एक बयान में कहा, ”सुरक्षित वापसी की उम्मीदों के साथ शुरू हुई यह घटना त्रासदी में बदल गई।”
उन्होंने इन जघन्य अपराधों की गहन जांच कराने और आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की। दिखो ने एक अलग बयान में कहा, ”हिंसा और हत्या की ऐसी संवेदनहीन घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। हमारे राज्य में जारी हिंसा अस्वीकार्य है। कोई भी शिकायत या असहमति किसी की जान लेने को उचित नहीं ठहरा सकती।” किपगेन कुकी समुदाय से हैं, जबकि दिखो नगा समुदाय से हैं। इस बीच, नगा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एनपीओ) ने सेनापति जिले में शव मिलने की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों युवकों की तलाश के लिए पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी और सेनापति जिलों की सीमा पर तलाशी अभियान चलाया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”ऐसे ही एक अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने दोनों के शव बरामद किए।” फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।











