Tuesday, November 3, 2026
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बेटियां एक घर की नहीं, दो घरों की होती हैं रौनक: संजीव अरोड़ा

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत विकास परिषद की ओर से अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा के नेतृत्व में एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह के लिए सहायता राशि भेंट की गई। इस अवसर पर संजीव अरोड़ा ने कहा कि बेटी केवल एक घर की नहीं, बल्कि दो घरों की रौनक होती है। बेटी का विवाह हर माता-पिता के जीवन का एक महत्वपूर्ण और भावुक अवसर होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस जिम्मेदारी को निभाना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में समाज के सामर्थ्यवान लोगों को आगे आकर जरूरतमंद परिवारों की सहायता करनी चाहिए। श्री अरोड़ा ने कहा कि समाज सेवा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब हमारी सहायता किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने और उसके जीवन की मुश्किलों को कम करने में काम आए। किसी बेटी के विवाह में सहयोग करना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, आत्मविश्वास और खुशियों में सहभागी बनना है। भारत विकास परिषद सदैव सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना से समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए प्रयासरत रहती है।

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इस अवसर पर विजय अरोड़ा ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना अत्यंत पुण्य का कार्य है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार ऐसे कार्यों में योगदान देना चाहिए। यदि समाज के लोग मिलकर जरूरतमंद परिवारों का सहारा बनें, तो कोई भी परिवार अपनी बेटी के विवाह को लेकर स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सेवा और सहयोग की भावना ही एक मजबूत एवं संवेदनशील समाज की पहचान है।

इस अवसर पर मदन लाल महाजन, लोकेश खन्ना, विजय अरोड़ा, तरसेम मोदगिल, अश्वनी दत्ता, जगदीश अग्रवाल, उमेश राणा, राज कुमार मलिक एवं एन.के. गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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