
चक्कोवाल (द स्टैलर न्यूज़)। सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल, जिला टी.बी. अधिकारी डॉ. शक्ति शर्मा के दिशा-निर्देशों के अनुसार पी.एच.सी. चक्कोवाल ब्राह्मणां के अधीन गांवों में टी.बी. के संदिग्ध मरीजों को ढूंढने के लिए एक्सरे किए जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि 100 दिवसीय टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत टी.बी. के संदिग्ध मरीजों को ढूंढने के लिए इस तरह के कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी को 2 सप्ताह से खांसी, वजन घटना, बुखार आना, कमजोरी आदि लक्षण हैं या जिसके घर में पहले से ही कोई टी.बी. का मरीज है तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए और अपने टी.बी. के टेस्ट करवाने चाहिए। यदि किसी को टी.बी. निकलता है तो उसे बिना किसी देरी के अपना इलाज शुरू करवाना चाहिए क्योंकि जितनी देर की जाए टी.बी. उतना ही फैलता है और मरीज को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि टी.बी. का यदि सही इलाज न हो तो यह जानलेवा हो सकती है, इसलिए इसका पूरा और समय पर इलाज करवाना चाहिए। यदि किसी को टी.बी. है तो उसे मुंह पर मास्क लगाकर रखना चाहिए ताकि हवा के जरिए किसी और को टी.बी. न हो।

इस मौके संजीव कुमार टी.बी.एच.वी. ने बताया कि कांटियां गांव में टी.बी. के संदिग्ध मरीजों को ढूंढने के लिए हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन की मदद से 72 संदिग्ध मरीजों के एक्सरे किए गए जिनमें से 11 मरीज संदिग्ध पाए गए जिनके अन्य टेस्ट किए जाएंगे। जो मरीज टी.बी. पॉजिटिव पाए जाएंगे उनका पी.एच.सी. चक्कोवाल से मुफ्त इलाज किया जाएगा। दवाइयों के साथ-साथ मरीजों को खुराक या खुराक के लिए पैसे भी दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य भारत से टी.बी. की बीमारी का खात्मा करना है। इसलिए जगह-जगह ये कैंप लगाए जा रहे हैं। इस मौके सी.एच.ओ. डॉ. रमणदीप कौर, म.प.ह.व. संतोष कुमारी, जसप्रीत सिंह, आशा सुख रानी आदि उपस्थित थे।












