
चंडीगड (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के स्कूली विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाजों, भाषाओं और कला से रू-ब-रू करवाने के लिए राज्य शिक्षा विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (S35R“), पंजाब ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ (52S2) योजना के तहत राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी और एलीमेंट्री) को स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच ‘अनेकता में एकता’ की भावना को और मजबूत करना है। आंध्र प्रदेश की संस्कृति से होंगे परिचित भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंजाब के स्कूलों में आयोजित होने वाले वार्षिक समागमों में इस बार आंध्र प्रदेश की संस्कृति की खास झलक पेश की जाएगी। इसके साथ ही, विभाग ने विद्यार्थियों के लिए इंटर-जिला और दूसरे राज्यों में एक्सपोजर विजिट (5xposure Visit) आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। इन यात्राओं के माध्यम से विद्यार्थी दूसरे क्षेत्रों के खान-पान, ऐतिहासिक विरासत और परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से जान सकेंगे।

नोडल अधिकारियों की तय की गई जिम्मेदारी एससीईआरटी (S35R“) के पत्र के मुताबिक, स्कूलों में इस कार्यक्रम के तहत नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत निर्धारित मासिक गतिविधियां नियमित और सुचारू रूप से करवाई जाएं। मुख्यालय को भेजनी होगी विस्तृत रिपोर्ट इन सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पारदर्शी रिपोर्टिंग को अनिवार्य किया गया है। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन आयोजनों की विस्तृत रिपोर्ट के साथ 10 से 12 तस्वीरें और वीडियो मुख्यालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी (ebsb.punjab0gmail.com) पर समयबद्ध तरीके से भेजें। राज्य स्तर पर यह सारा डाटा एकत्रित करने के उपरांत भारत सरकार को भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के स्कूलों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।











