Sunday, October 4, 2026

    उल्टा चलकर बनाया विश्व रिकार्ड, सरकार ने सीधे मुंह भी न पूछा

    KAKA AMARPLA-ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिता में क्वालिफाई करने पर करेंगे स्पांसर:अमरपाल काका-होशियारपुर। हमारे देश में कई खिलाड़ी एवं प्रतिभावान लोग हैं जो अनदेखी का शिकार हो रहे हैं या जानबूझ कर मौके की सरकारें उनकी तरफ ध्यान देना जरुरी नहीं समझ रहीं। जिसके चलते जहां देश का नाम विश्व में चमकाने वाली प्रतिभा सरकारी उदासीनता के कारण सडक़ों पर कद्रदान की तलाश में भटकते हुए दम तोड़ देती है वहीं देश अच्छे खिलाडिय़ों से भी वंचित रह जाता है। कुछ ऐसी ही विलक्ष्ण प्रतिभा के धनि हरियाणा के वैद्य रत्नदेव जांगड़ा हैं जिन्होंने उल्टा चलने में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाकर देश को नई बुलंदियों पर पहुंचाया। मगर, राज्य व केन्द्र सरकार की अनदेखी के चलते रत्नदेव शायद उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाया जहां उसे होना चाहिए था। बिना रुके व थके 20 से 50-50 घंटों तक लगातार उल्टा चलकर रिकार्ड बनाने वाले जांगड़ा सरकारों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए गले में पट्टा पहने चंडीगढ़ की सडक़ों पर घूमने को विवश हैं। जिसे किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता, जबकि होना यह चाहिए था कि सरकारें समय पर उनकी तरफ ध्यान देकर उन्हें भारत रत्न जैसे सम्मान से सम्मानित करती।
    गत दिनों जांगड़ा को चंडीगढ़ की सडक़ों पर प्रदर्शन करते हुए जब होशियारपुर से आप नेता अमरपाल काका जोकि कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं ने देखा तो उन्होंने जांगड़ा से उसकी व्यथा जानी। जांगड़ा के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने उपरांत अमरपाल काका ने उन्हें आश्वासन दिया कि भविष्य में अगर वे किसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई करते हैं तो उनका सारा खर्च वे वहन करेंगे। अमरपाल काका ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभा जो देश का नाम देश ही नहीं बल्कि विदेशों की धरती पर भी रोशन कर सकती थी सडक़ों पर धक्के खाने को मजबूर है और इसके लिए हमारी सरकारें पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। अमरपाल काका ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जांगड़ा जैसे लोगों को तो सिर आंखों पर बिठाना चाहिए, क्योंकि यह हमारे आदर्श हैं तथा यह लोग हमारी युवा पीढ़ी को सही दिशा की तरफ प्रेरित करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी एसोसिएशन जहां पहलवानों को बढ़ावा दे रही है वहीं जांगड़ा की भी वे हर संभव मदद करके उनकी प्रतिभा के माध्यम से देश का नाम बुलंदियों पर लेकर जाएंगे।

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    वर्ष 2000 में गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में करवाया था नाम दर्ज

    गौरतलब है कि हरियाणा के सिरसा निवासी 63 वर्षिय जांगड़ा आयुर्वेद डाक्टर (वैद्य) हैं तथा उल्टा चलने में माहिर हैं। उन्होंने उल्टा चलने के कई रिकार्ड अपने नाम किए और वर्ष 2000 में 164 किलोमीटर दूरी 20 घंटे में पूरी करके वल्र्ड रिकार्ड बनाकर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया था। इसके अलावा और कई जगहों पर रिकार्ड बनाने वाले जांगड़ा का चयन वर्ष 2004 में ओलंपिक के लिए हुआ, परन्तु अफसोस यह रहा कि कोई स्पांसर न मिलने के चलते वे ओलंपिक में भाग नहीं ले सके। जिसका उन्हें आज भी इस बात का मलाल है कि अगर किसी अन्य खेल का खिलाड़ी होता या क्रिकेट का ही कोई खिलाड़ी होता तो उस पर पैसा लगाने वाले लाखों लोग आगे आ जाते। मगर उनके लिए स्पांसर का न मिलना तथा सरकार द्वारा कोई सहायता न दिए जाने के चलते वे देश का नाम ओलंपिक में रोशन करने से वंचित रहे गए।

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