
जम्मू-कश्मीर (योगेश्वर मिट्ठू की विशेष रिपोर्ट)। 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर में जो हालात पैदा हुए हैं उससे श्री अमरनाथ यात्रा पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। वहां फंसे यात्रियों को कई प्रकार की समस्याओं की सामना करना पड़ रहा है। आज पहलगांवमें फंसे हजारों यात्रियों के सब्र का बांध उस समय टूट गया जहां स्थानीय प्रशासन द्वारा उनकी मदद करना तो दूर हालात सामान्य होने संबंधी उन्हें कोई ढांढस भी नहीं बंधाया जा रहा। इसके चलते यात्री रोष प्रदर्शन को मजबूर हो गए तथा उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यात्रियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वे यहां बेस कैंपों में फंसे हुए हैं तथा प्रशासन द्वारा उनकी कोई सुधि नहीं ली जा रही। यात्रियों ने यह भी बताया कि तनावग्रस्त माहौल के चलते स्थानीय लोग भी उनके साथ कोई कापरेट नहीं कर रहे। जिसके चलते समस्या और भी विकराल होती जा रही है। योगेश्वर मिट्ठू की रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों के लिए लंगर लगाने वाली संस्थाएं काफी सहायक सिद्ध हो रही हैं। योगेश्वर के अनुसार प्रशासन द्वारा यात्रियों के साथ समन्वय न होने के चलते यात्रियों को आज रोष प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा तथा तनाव के कारण महिलाओं और बच्चों को और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योगेश्वर ने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रण में करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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