
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सोमवार को विधानसभा में कैबिनेट मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा की तरफ से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को होशियारपुर में फैले डायरिया से हुई मौतों संबंधी बताया गया और पीडि़त परिवारों को राहत की मांग की। जिसे पूरी तरह से गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत पीडि़त परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की राहत राशि जारी करने की घोषणा की। इसके लिए श्री अरोड़ा के हम सभी धन्यवादी हैं कि उन्होंने इस दुख की घड़ी में जनता का साथ देते हुए पीडि़त परिवारों को राहत पहुंचाने का काम किया है। हालांकि परिवार के सदस्य का यूं छोड़ कर चले जाने का दुख तो मिटाया नहीं जा सकता, मगर इस राहत से उनका दर्द थोड़ कम जरुर होगा। उक्त बात कांग्रेसी नेताओं ने एक बैठक में कही। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष एडवोकेट राकेश मरवाहा, खरैती लाल कतना, पार्षद ब्रह्मशंकर जिम्पा, कमलजीत कटारिया, कुलविंदर सिंह हुंदल, सुदर्शन धीर, सुरिंदरपाल, सुरिंदर सिद्धू, प्रदीप कुमार, परवीन सैनी, मोनिका कतना, रजनी डडवाल, रमेश डडवाल आदि मौजूद थे।

कांग्रेसी नेताओं एवं पार्षदों ने कहा कि एक भाजपा नेता द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद यह सब संभव हुआ कह कर जनता को गुमराह करने वालों को शायद ध्यान नहीं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और शायद अभी तो पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचा भी नहीं होगा कि श्री अरोड़ा ने इस दुख की घड़ी में जनता की आवाज को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर प्रभावितों को राहत दिलाई है। उन्होंने कहा कि कुंभकरण भी 6 माह में एक बार जाग जाता था, मगर भाजपा वालों की नींद है कि टूटने का नाम नहीं ले रही तथा इन्हें अभी भी एहसास नहीं हुआ कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कांग्रेस जनता के दुख दर्द को भलीभांति समझती है और उसे दूर करती है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि होशियारपुर में डायरिया जैसी महामारी का फैलना पिछली अकाली-भाजपा सरकार की ही देन है, जिन्होंने लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में उदासीनता बरती और लोगों को इतने बड़े दुख का सामना करना पड़ा। उन्होंने श्री अरोड़ा का धन्यवाद करते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का दुख बताना नहीं पड़ता बल्कि वे खुद जनता के बीच पहुंचकर उनका दुख महसूस करती है। परन्तु इस मुद्दे पर राजनीति करके न जाने भाजप नेता क्या सिद्ध करना चाहते हैं, जोकि अति निंदनीय है।












