
Report By- Sandeep Dogra/Bhupesh Prajapati
-आर.एस.एस. के सरसंघचालक मोहन भागवत ने होशियारपुर में किया स्वयं सेवकों को संबोधित-
होशियारपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने आज 20-11-2016 यहां स्थानीय डी.ए.वी. स्कूल होशियारपुर के खेल मैदान में स्वयं स्वकों को संबोधित किया। इस मौके पर महोन भागवत ने कहा कि हम विजय की ओर बढ़ते जा रहे हैं। हमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सदस्य होने का अनुभव होने लगा है लेकिन हमें सावधान रहना होगा, क्योंकि आर.एस.एस. का मुख्य कर्तव्य पूरे राष्ट्र के सभी संप्रदायों और वर्गों को एकसाथ एक मंच पर इक_ा करने का लक्ष्य है। हमें इसके लिए सरकार या किसी महापुरुष या किसी विशेष व्यक्तित्व तथा नारे पर निर्भर नहीं रहना होगा। इसके लिए हमें कड़ा संघर्ष करना स्वयं करना होगा ताकि विश्व में भारतीय होने का हम सभी को गर्व महसूस हो। इसके लिए हमें प्रेम की जरुरत है। हमें सभी तरह के भेदभाव त्यागकर अपना जीवन दूसरों के लिए जीना होगा। हमारे देश की संस्कृति विभिन्नतापूर्ण है और इसे एक सूत्र में बांधने के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। चुनाव की जीत हार हमारे लिए कोई मायने नहीं है। हमारा कार्य पूरे विश्व को एक मंच पर एकत्रित करना है।

उन्होंने कहा कि आज से 90 साल पहले संघ की स्थापना हुई थी और उस समय संघ के पास इतने साधन नहीं थे तथा धन-बल का अभाव था। परन्तु हमारे संकल्प के आगे कुछ नहीं टिक पाया और हम लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
मोहन भागवत ने कहा कि दुर्गम लक्ष्य को प्राप्त करना तेजधार चलने के बराबर होता है। लेकिन जब लक्ष्य ठान लिया जाए तो कोई भी कार्य असंभव नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन का मतलब ही निस्वार्थ मानवता और राष्ट्र की सेवा करना है। मोहन भागवत ने कहा कि उक्त कार्य को संपूर्ण करने के लिए हमें बहुत ही सावधान रहने की जरुरत है। हमें बहुत बड़ा काम करना है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अलग-थलग पड़े समाज को एकसूत्रों में जोडऩा है और उनकी प्रत्येक समस्याओं को हल करने के लिए हर संभव प्रयास करने हैं तभी समाज के सभी वर्ग एकसूत्र में बांधे जा सकते हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय संघ चालक बजरंग लाल गुप्त तथा जिला संघचालक अशोक चोपड़ा भी मौजूद थे।











