
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: मुक्ता वालिया। नागरिक संशोधन बिल बहुत समय पहले लागू हो जाना चाहिए था, पर उस समय की सरकारों की सोच के चलते पड़ोसी देशों में बसे अल्प संख्यकों पर हो रहे जुल्मों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह ने उन लोगों का दर्द समझते हुए यह कानून बना कर पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर आर्कषित किया है कि भारत के पड़ोसी देशों में अल्प संख्यकों पर कितने अत्याचार हो रहे हैं। उपरोक्त शब्द यूथ डिवेलपमैंट बोर्ड पंजाब के पूर्व चेयरमैन संजीव तलवाड ने आज गांव बसी गुलाम हुसैन में नागरिक संशोधन बिल पर आयोजित एक सैमानार में उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहे।

तलवाड़ ने कहा कि 1947 के बाद कांग्रेस ने हमेशा सत्ता सुख भोगने के लिए ही कार्य किए हैं, और इन कार्यों का नतीजा चाहे देश हित में हो या विरोध में, इस बात का कभी ध्यान नहीं रखा गया। उन्होने कहा कि इस राजनीतिक सोच के चलते ही हजारों पंडित परिवार अपने ही देश में श्री नगर से निकाल दिए गए और लाखों घुसपैठिए बंगला देश आदि से हिंदोस्तान में घुस आए और उन्हे बिना किसी रोक टोक के वोट तक डालने का अधिकार तक दे दिया गया।
तलवाड़ ने कहा कि नागरिक संशोधन बिल भारत देश में बसे अल्प संख्यकों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है न कि किसी की नागरिकता छीनने के लिए। उन्होने कहा कि लम्बे समय तक भाई को भाई से लड़ाने वाली राजनीतिक पार्टियां अब इस बिल का सहारा ले कर देश की जनता को गुमराह करने में लगी हैं। तलवाड़ ने लोगों से अपील की कि जो देश भक्त लोग इन लोगों की राजनीतिक मंशा को समझते हैं, अब समय आ गया है कि देश को तोडऩे वाले लोगों के खिलाफ एकजुट हों। इस अवसर पर पाल सिंह, इन्द्रजीत सिंह, बलविंदर सिंह, सुखजिंदर सिंह काका, मंजीत सिंह, हरमिंदर सिंह, मान सिंह, उजागर सिंह, प्रवीण सैनी, मनमोहन कुमार, परमिंदर सागर, जोगिन्दर सिंह, मास्टर तरसोम सिंह, मास्टर मलकीयत सिंह व भारी संख्या में गांव वासी भी उपस्थित थे।












