
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। शिवसेना बाला साहेब ठाकरे के राज्य उपप्रमुख रणजीत राणा ने डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता के उस बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि करतारपुर साहिब दर्शनों हेतु सुबह को जाने वाला हर खालिस्तानी समर्थक शाम को आतंकी बनकर लौटता है का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को डीजीपी पंजाब के इस बयान को मुख्य रखते हुए तुरंत ही करतारपुर कॉरिडोर पर नजऱ कड़ी कर देनी चाहिए, क्योंकि पंजाब में जो इस समय माहौल आतंकियों द्वारा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह सिर्फ भारत को अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई. एस.आई के कहने पर किया जा रहा है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता के पूरी गम्भीरता से दिए उस इंटरव्यू को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि, दिनकर गुप्ता ने लंबे समय तक इंटैलिजैंस विंग में कार्य किया और वह पंजाब की सच्चाई को अच्छी तरह समझते हैं ओर पंजाब के उस काले आतंकवाद के दौर में भी उन्हें कार्य करने का पूरा अनुभव प्राप्त है। उनके इस ब्यान से पंजाब में ऊभर रहे आतंकवाद की सच्चाई सामने आई है और वह पंजाब की सच्चाई अच्छी तरह समझते हैं।
इसलिए यदि करतारपुर कॉरिडोर के लिए पंजाब सरकार और केंद्र सरकार द्वारा अगर कोई ठोस रणनीति तैयार न की गई तो जल्द ही पंजाब में आतंकवाद को अनजाने में मौका मिलेगा। क्योंकि, पंजाब में आंतकी समय-समय पर हिन्दू नेताओं और शिवसेना नेताओं पर गोलियां चलाकर मौत के घाट उतारकर दहशत का माहौल बना रहे हैं अगर सरकारें समय रहते सतर्क न हुई और एक तजुर्बेकार पुलिस अधिकारी के दिए ब्यान गम्भीरतापूर्वक न लिया तो कहीं पंजाब में भी हिंदुओं को कश्मीर की तरह पंजाब से पलायन न करना पड़े। क्योंकि, खालिस्तानी समर्थक आंतकी और इस्लामिक मुस्लमान घुसपैठिए एक साथ मिलकर पंजाब में आने वाले समय में हालात खराब कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले ही गरदासपुर में हरविंदर सोनी, अब धारीवाल में शिवसैनिकों पर गोलियों से हमला किया गया। जिससे एक घायल और एक की मौत हो गई थी और कल फिर लुधियाना में शिवसैनिक अमित अरोड़ा पर सरेआम गोलियां चलाई गई जो उनकी गाड़ी में लगीं इससे साबित होता है कि पंजाब में दिनों दिन हिंदुओं में खौफ़ का माहौल बनाया जा रहा है और पंजाब सरकार इन घटनाओं को आपसी दुश्मनी या गैंगटरों के द्वारा की जा रही घटनाएं साबित करने का जोर लगा रहीं है इससे आंतकवादी मजबूत हो रहे है और केंद्र सरकार खालिस्तानी वोट प्राप्त करने के लिए मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है।
इस अवसर पर रणजीत राणा ने कैप्टन सरकार से मांग की कि वे पंजाब के हिंदुओं और शिवसेना के नेताओं की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति तैयार करें या उन्हें अपनी रक्षा करने के लिए हथियारों के लाईसैंस दिए जाएं और यदि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने डीजीपी पंजाब के इस बयान को नजरअंदाज किया तो इसका खामियाजा सरकारों को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि पंजाब में खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तान से पैसा बटोर कर घुसपैठिए मुस्लमानों को भी ताकत देकर हिंदुओं के खिलाफ प्रयोग कर सकते हैं।












