
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री नंद अन्नपूर्णा मंदिर चैरीटेबल सोसायटी एकता नगर की तरफ से करवाए जा रहे श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री मद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन मुख्य यजमान अनिल अग्रवाल व मनु अग्रवाल तथा अन्य यजमानों ने यज्ञ में आहुति डाली। इस मौके पर आचार्य राजिंदर प्रसाद ने बताया कि यज्ञों की लौ भौतिक या आध्यात्मिक जिस क्षेत्र पर भी दृष्टि डालें उसी में यज्ञ की महत्वपूर्ण उपयोगिता दृष्टिगोचर होती है। वेद, ज्ञान व कर्म उपासना के तीन विषय हैं। कर्म का अभिप्राय कर्मकांड यज्ञ को कहते हैं। वेदों में वर्णित सभी वेदमंत्र ऐसे हैं, जिसकी शक्ति को प्ररफुल्लित करने के लिए उनका उच्चारण करते हुए यज्ञ करने की आवश्यकता होती है।


श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन स्वामी केशब दत्त शास्त्री जी आगरा वालों ने कथा को आगे बढ़ाते हुए समुद्र मंथन की कथा के माध्यम से बताया कि हमारे अंदर ही सत वृत्ति और असत वृत्ति का मंथन होता है। जिससे सबसे पहले निंदारुपी विष की प्राप्ति होती है। जो इस निंदा रुपी विष को पचा लेता है वही अमृत का अधिकारी होता है। इसके बाद बलि वामन चरित्र सुनाते हुए प्रभु श्री राम जन्म की कथा कही। भगवान राम की कथा से शिक्षा दी कि हमें कैसे जीवन जीना चाहिए। इस दौरान भगवान के जन्म से संबंधित बहुत ही सुन्दर और आकर्षक झांकी का सबी श्रद्धालुओं ने अवलोकन किया और प्रभु की महिमा का गुणगान किया।
इस अवसर पर महंत रमिंदर दास जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद, राकेश सूद, मेयर शिव सूद, राकेश सूरी, संजीव अरोड़ा, विनोद परमार, यशपाल शर्मा व रामदेव यादव ने विशेष तौर से पहुंचकर कथा में हाजिरी लगवाई। इस अवसर पर प्रधान रमेश चंद्र अग्रवाल, महासचिव तरसेम मोदगिल, कोषाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, नील कमल, दविंदर वालिया गुरु जी, राजिंदर मोदगिल, शोभन सिंह, वृज बिहारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।












