
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला मैजिस्ट्रेट कम जिलाधीश अपनीर रियात की तरफ से करफ्यू दौरान करियाना/मैडीसन (होलसेलर व रिटेलर) की दुकानों को सुबह 6 से सुबह 9 बजे खोलने की आज्ञा दी थी तथा इस छूट को तुरंत प्रभाव से वापिस ले लिया गया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए उक्त दुकानदारों को हिदायत की है कि वह पहले जारी किए आदेशानुसार दुकान का शटर बंद करके सिर्फ होम डिलीवरी कर सकेंगे।

इसी प्रकार जिला मैजिस्ट्रेट ने किताबों की दुखाने सप्ताह में सिर्फ सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को सुबह 6 से सुबह 9 बजे तक खोलने की छूट गई गई थी तथा यह छूट भी वापस ले ली गई है। अब किताबों की दुकानें खोलने की भी इजाजत नहीं होगी।
गौरतलब है कि जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा जनता की परेशानियों को देखते हुए करफ्यू में ढील दी गई थी और यह ढील ज्यादातर लोगों के लिए काफी राहत भरी थी। लेकिन लोगों ने ढील दौरान जारी की गई हिदायतों का पालन करना जरुरी नहीं समझा और बेसब्रों की तरह बाजारों में निकल पड़े तथा इस कारण कोरोना वायरस से बचाव हेतु अपनाई जाने वाली सबसे बड़ी सावधानी सोशल डिस्टेंसिंग का भी लोगों ने ध्यान नहीं रखा। दुकानदारों को जहां अधिक से अधिक सामान बेचकर मुनाफा कमाने की पड़ी थी वहीं लोगों में भी जल्द से जल्द व अधिक सामान लेने की दौड़ थी। जिसके चलते करफ्यू में दी गई ढील से पैदा हुए हालातों को देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे जनता को कोरोना के खतरे की कोई परवाह नहीं और पिछले एक माह से सरकार व जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों से काबू आए हालातों को और बिस्फोटक बनाने में जनता खुद खतरे को आमंत्रण दे रही हो।
मीडिया के अलावा कोरोना को खतरे को समझने वाले कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियों को उजागर किया था तथा इसके बाद प्रशासन द्वारा एक दिन का और समय दिया गया था कि अगर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे तो ढील वापस ले ली जाएगी। और हुआ वही जिसका डर था, सभी खतरों से बेफिक्र लोगों ने फिर अपनी मनमर्जी की और सभी हिदायतों को छिक्के पर टांगकर बाजारों में निकले। भावी खतरे को देखते हुए प्रशासन द्वारा एक बार फिर से करफ्यू को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी करते हुए करफ्यू में दी गई ढील को वापस ले लिया गया है। यह बात हम सभी को समझनी होगी कि हम सेफ जोन में हैं, इसका मतलब यह नहीं कि खतरा टल गया। जरा सी लापरवाही सभी पर भारी पड़ सकती है। इसलिए जब तक सरकार, जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग स्थिति को सामान्य घोषित नहीं कर देते, तब तक हम सभी को हिदायतों का सख्ती से पालन करना चाहिए और बिना कारण घर से निकलने से परहेज करना चाहिए।











