
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। एक तो पहले ही कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तहसील से जुड़े लोगों के कार्य लटके हुए हैं और ऊपर से जिलाधीश द्वारा फर्द तय दिनों में ही देने व जमाबंदी कम्प्यूराइजड़ के दिए गए आदेशों ने लोगों की समस्याएं और बढ़ा दी हैं। अब भले ही कर्मचारियों ने अस्थायी तौर पर हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन जनता की समस्याएं समाप्त नहीं हुई हैं। इसलिए जिलाधीश से अपील है कि वह जनता की सहूलत को देखते हुए सप्ताह के सातों दिन फर्द लेने संबंधी समय तय करें तथा बाद दोपहर कम्प्यूटराइज्ड किए जाने की व्यवस्था की जाए। यह मांग पूर्व पार्षद पंडित विक्रम मेहता ने तहसील में काम करवाने आए लोगों की परेशानियों को देखते हुए जिलाधीश से की।

पंडित मेहता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को फर्द की जरुरत किसी भी समय पड़ सकती है तथा ऐसे में कामकाज वाले दिन फर्द का मिलना अतिअनिवार्य होना चाहिए। कई लोगों को जमानत के लिए, किसी को प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए तो किसी को लोन आदि के लिए फर्द की जरुरत पड़ती है। सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को ही फर्द मिलने का समय तय किया जाना जनता के साथ अन्याय है। दिन तय होने से तहसील में भीड़ अधिक हो जाती है व कोरोना के चलते जारी हिदायतों का भी उलंघर हो रहा है। ऐसे में लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंडित मेहता ने अपील की कि अगर सप्ताह भर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक फर्द दिए जाने का समय तय किया जाए तथा इसके बाद जमाबंदी को कम्प्यूटराइजड़ करने का काम किया जाए।
ऐसा करने से पैंडिंग कार्य भी पूरा होगा और लोगों की समस्याएं काफी हद तक कम होंगी और कामकाज भी सही ढंग से चल पाएगा। उन्होंने कहा कि तहसील में होने वाले कामकाज से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में इस विभाग से जुड़े कार्य में सरलता लाने एवं काम में तेजी लाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने जिलाधीश से अपील की कि वह अपने आदेश पर पुन: विचार करके कोई ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।












