
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में मंत्रीमंडल की मीटिंग की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के लखमीरपुर खीरी में 3 अक्तूबर को घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवा चुके किसानों को श्रद्धाँजलि भेंट करने के लिए दो मिनट का मौन रखा।मीटिंग में उपस्थित मंत्रियों और अधिकारियों ने परमात्मा के समक्ष दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में शाश्वत स्थान देने और संकट की घड़ी में पीछे पारिवारिक सदस्यों को अपूरणीय क्षति को सहन करने के लिए बल प्रदान करने के लिए अरदास की।

इस दौरान मंत्रीमंडल ने अफ़सोस ज़ाहिर किया कि यह बहुत दुख की बात है कि खेती कानूनों के विरुद्ध शांतमयी ढंग से प्रदर्शन करते समय हमारे अन्नदाताओं की जान चली गई। केंद्र सरकार से अपील की गई कि इस घिनौने कृत्य के के पीछे के असली दोषियों के चेहरों को बेनकाब किया जाना चाहिए, चाहे वह कितने भी प्रभाव-रसूख या पहुँच रखते हों। मंत्रीमंडल ने संकल्प लेते हुए कहा कि बेकसूर किसानों को जल्द से जल्द इन्साफ दिया जाना चाहिए जिनकी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान चली गई। मंत्रीमंडल ने इन खेती कानूनों की तत्काल समीक्षा करने और रद्द करने की ज़रूरत को दोहराते हुए कहा कि इनके कारण ही किसानों में रोष पैदा हुआ है और यही कानून टाले जा सकने वाले इस जानी नुक्सान की जड़ हैं। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धाँजलि भेंट करते हुए मंत्रीमंडल ने दुख की इस घड़ी में किसान भाईचारे के साथ एकजुटता ज़ाहिर की और मीटिंग अन्य किसी कामकाज के बिना समाप्त हो गई।












