Saturday, October 17, 2026
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कैप्टन अमरिन्दर किसानों के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी हित के लिए मोदी से मिले: हरचंद बरसट

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव एवं पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेरते हुए कहा कि वह सदैव अपने निजी हितों को आगे रखकर पंजाब की राजनीति में शामिल रहे हैं। इसका सबूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाल ही में हुई उनकी मुलाकात से है, जिसमें कैप्टन अमरिंदर ने किसानों के हितों और मांगों को नजरअंदाज करते हुए अपने हितों को पहले रखा और भाजपा व शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन पर जोर दिया, ताकि उनकी डूबती राजनीतिक नैया बच सके।

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आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की पंजाब में राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, जिसका सबूत 2022 में हुए विधानसभा चुनाव थे, जिसमें वह लंबे समय से अपनी काबिज पटियाला सीट भी नहीं बचा सके थे। इसीलिए कैप्टन अमरिन्दर भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन यहां पर भी वह हाशिये पर ही हैं और राजनीति में अपनी जगह बनाये रखने के लिये वह अपनी पत्नी परनीत कौर को लोकसभा चुनाव में पटियाला से बतौर भाजपा उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने लगे हैं, जबकि विधानसभा के लिए अपनी बेटी जय इंदर कौर का नाम आगे रखा है। इस प्रकार वह पंजाब के आम लोगों और नौजवानों जो पार्टी में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, के प्रति सहानुभूति न रखकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए स. बरसट ने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल बादल की राजनीति हाशिये पर है। राजनीतिक जमीन की तलाश में अकाली दल पंजाब के हितों को छोड़कर भाजपा से गठबंधन करने की कोशिश कर रहा है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह और बादल परिवार ने पिछले 25 वर्षों में पंजाब पर दो-दो बार शासन किया है। इस दौरान एक-दूसरे को भ्रष्टाचार के आरोप से बचाने के लिए दोनों एक-दूसरे पर राजनीतिक वार करके लोगों को गुमराह करते रहे और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे रहे।

पंजाब में ज्यादातर कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल बादल ने सत्ता की कमान संभाली है, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे के निजी कार्यों और हितों को प्राथमिकता दी है, जो पंजाब की जनता के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह और बादल परिवार ने हमेशा लोगों के हितों को नजरअंदाज करते हुए अपने निजी हितों को ध्यान में रखा है और अब भी वे दोनों अपने निजी फायदे के लिए गठबंधन करना चाहते हैं। इस गठबंधन से कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी पटियाला सीट और सुखबीर बादल अपनी बठिंडा और फिरोजपुर सीट बचाना चाहते हैं, लेकिन लोग अब इन दोनों परिवारों की आपसी मिली भगत को समझ चुके हैं, जिसका जवाब वे आगामी लोकसभा चुनाव में इनके खिलाफ अपने वोट का सही प्रयोग करके देंगे।

स. हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में अरविंदर केजरीवाल और स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी पंजाब की 13 और चंडीगढ़ की 1 लोकसभा सीट रिकार्ड मतों से जीतेगी। वहीं दूसरी ओर बीजेपी बहुमत तो दूर की बात है, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

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