
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। 13 अप्रैल वैसाखी का दिन जहां किसानों की मेहनत से धरती के दिए हुए अन्न धन को संभालने, बांटकर खाने का त्यौहार है वहीं पंजाब में और देश में यह दिन विशेषकर जलियांवाला बाग के शहीदों को प्रणाम करने का और स्वतंत्रता हित सर्वस्व बलिदान करने का भी दिवस है। मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि वे जलियांवाला बाग आएं। यहां के बलिदान को समझें और नई पीढ़ी तक यह संदेश पहुंचाएं। इसके साथ ही पंजाब सरकार से विशेषकर यह अपील है कि जिन लोगों ने जलियांवाला बाग में हत्याकांड होने के बाद हत्यारे अंग्रेज अधिकारियों का स्वागत किया, 13 अप्रैल के दिन जब तक शहीदों के खून से सनी धरती लाशों से भरी पड़ी थी उसी समय डायर और उसके अधिकारी साथियों को डिनर देने और सिरोपा देकर सम्मान करने वाले परिवारों तथाकथित राजाओं के देश विरोधी कारनामे जनता के सामने रखे। अंग्रेजों की भक्ति करके इन राजाओं, महाराजाओं ने जो धन संपत्ति कमाई उसे सरकार जब्त करके जनता के हित में खर्च करे।

अफसोस यह है कि जो अंग्रेज काल में अंगे्रजों की गुलामी को सिर माथे पर बिठाकर ऐश आराम की जिंदगी बिताते रहे वह आज भी पंजाब में और देश के कई प्रांतों में सत्ता के शिखरों पर पहुंचकर जनता के धन से एक बार फिर राजे महाराजे बनकर घूम रहे हैं। देशवासियों से अपील है कि अंग्रेजों का साथ देने वाले उत्तरप्रदेश के हों, पंजाब के हों या दूसरे किसी प्रांत के उनका बहिष्कार करें। उन्हें कभी भी चुनावों में वोट न दें और उन्हें स्वतंत्र भारत के माननीय अति माननीय न बनने दें।











