
जम्मू/राजौरी (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- अनिल भारद्वाज। सीमावर्ती जिला राजौरी के अंतर्गत नियंत्रण रेखा के साथ सेट शहीद घनीशाम सरकारी डिग्री कालेज डूंगी द्वारा एनएसएस इकाई के अधिकारी प्रो. अहसान अहमद वानी की देखरेख में सड़क सुरक्षा रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्घाटन कालेज प्राचार्य डॉ. जयपाल सिंह ने किया। इस मौके पर सरकारी कालेज के विद्यार्थी, स्टाफ व अन्य लोग मौजूद रहे।

डा. सिंह ने कालेज के विद्यार्थियों व लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया। साथ ही सड़क मार्ग पर वाहन दौड़ा रहे वाहन चालकों को रोक कर, अन्य लोगों व दुकानदारों को यातायात नियमों का पालन करने को प्रेरित किया। सड़क सुरक्षा रैली सरकारी कालेज गेट से निकली और सीमावर्ती सड़क मार्ग केरी मार्किट से होते हुए वापिस ससालकोट पहुंची और रैली का समापन कॉलेज गेट पर हुआ। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा कार्यक्रम के तहत निकाली गई रैली में सरकारी कालेज के प्रधानाचार्य डा. जयपाल सिंह ने सड़क नियमों का पालन करने की छात्र-छात्राओं से अपील की और बताया कि दुर्घटना में अगर किसी एक व्यक्ति की मौत होती है तो उससे उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है।
सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करके हम स्वयं की और सामने वाले की भी जान बचा सकते हैं। आप विद्यार्थी व अन्य लोग दो पहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का प्रयोग करें, वाहन चालक कभी भी शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएं। कार चलाते समय हमेशा सीट-बेल्ट बांधें। वाहन चलाते समय कभी भी मोबाइल फोन पर बात नहीं करना चाहिए, हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करें। और नियमों का पालन करने के लिए अपने दोस्त-मित्र साथियों व परिवार जनों को बताएं। सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहने भी हम सब का फर्ज है। अपने संबोधन में बोलते हुए डा. सिंह ने कहा कि अधिकतर मार्ग दुर्घटनाएं यातायात नियम का पालन न करके के चलते होती हैं।
इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि यातायात नियमों का अनुपालन खुद करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। मार्ग दुर्घटना में अगर कोई घायल दिखता है तो संवेदना दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को सूचित करें, जरूरी हो तो उसे स्थानीय अस्पताल तक भेजने में मदद करें यह सच्ची मानवता है। वहीं उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों को अपने परिवारों और समुदायों के बीच सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम में डा. प्रतिमा भूषण, डा. आशियाना कौसर, डा. मेहनाज खान और डॉ. रजनीश अन्य मौजूद थे।












