
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत में बहुत बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। बहुत से तो ऐसे हैं जो वर्षों से रह रहे हैं और समाचार पत्रों और मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार कुछ तो दो दशक से ज्यादा समय से महानगरों में रह रहे हैं। उनके राशन कार्ड, आधार कार्ड भी बन चुके हैं। शायद वोट लेने वाले राजनेताओं ने उनके वोटर कार्ड भी बनवा दिए हैं। बंगलादेश में विद्रोह होने के बाद जब हिंदुओं पर अत्याचार हुए, मंदिर तोड़े गए उसके बाद ही भारत सरकार का ध्यान इस ओर गया और अब भी कभी कभी दस बीस बंगलादेशी ही पकड़े जा रहे हैं। अमृतसर से लेकर त्रिपुरा तक ऐसे बहुत से बंगाली हैं जो नाम बदलकर यहां काम कर रहे हैं।

कभी किसी ने सोचा ही नहीं कि ये देशी हैं या विदेशी। वैध नागरिक हैं या अवैध? अमेरिका से अवैध प्रवासियों के वापस आने के बाद सरकार थोड़ी सी गतिशील दिखाई दे रही है। देश की सुरक्षा के लिए जरूरी तो यह था कि जैसे ही देश में कोई विदेशी छिप छिपा कर आया और यहीं बस गया तभी उसका पता सुरक्षा एजेंसियों को लगता और उन्हें वापस भिजवाया जाता। अब तो ये बड़ी संख्या में इकट्ठे हो गए हैं। जैसे रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या लाखों में हो गई। भारत की सुरक्षा के लिए और बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए जो जिस देश से अवैध रूप से आया है उसे वहीं वापस भेज देना चाहिए। सरकार यह काम जितनी जल्दी कर दे उतना ही राष्ट्र हित में है।












