
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास एवं वित्त निगम (बैकफिंको) तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ते ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाने तथा अन्य योजनाओं की जानकारी देने के लिए गांव बजवाड़ा कलां में जागरूकता कैंप लगाया गया, जहां जानकारी का लाभ उठाते हुए आवेदकों ने विभिन्न कार्यों के तहत ऋण लेने के लिए अपने नाम दर्ज करवाए। कैंप के दौरान बैकफिंको के चेयरमैन संदीप सैनी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने तथा अन्य योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बैकफिनको के माध्यम से विभिन्न कार्यों के लिए सस्ते ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाती है, जिसका पात्र उम्मीदवारों को लाभ उठाना चाहिए और व्यवसाय स्थापित करना चाहिए। संदीप सैनी ने लोगों को डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन, सब्जी उगाने, मधुमक्खी पालन, बढ़ईगीरी/फर्नीचर/लोहार का काम, आटा चक्की/कोहलू, ऑटो रिक्शा, जनरल स्टोर (किराना/पशु चारा/पोल्ट्री फीड), हार्डवेयर स्टोर (सेनेटरी एवं निर्माण सामग्री लोहा इत्यादि), कपड़ा/रेडीमेड गारमेंट की दुकान, पुस्तक/स्टेशनरी की दुकान, कृषि उपकरण (निर्माण), ऑटोमोबाइल मरम्मत/स्पेयर पार्ट्स की दुकान, इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रिकल बिक्री एवं मरम्मत, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, रखरखाव या मरम्मत, पंडाल या शामियाना सेवा इत्यादि तथा तकनीकी/व्यावसायिक कोर्स के लिए उपलब्ध 54 प्रकार के ऋणों के बारे में जानकारी दी। चेयरमैन ने बताया कि बैकफिंको डायरेक्ट लोन स्कीम के तहत पंजाब राज्य के घोषित पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए तक है, के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए स्वरोजगार योजनाओं के तहत 5 लाख रुपए तक के ऋण 6 से 8 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर प्रदान किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा बैकफिंको अल्पसंख्यक समुदायों (सिख, ईसाई, मुस्लिम, पारसी, बौद्ध और जैन) के विद्यार्थियों को व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा स्नातक तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के तहत आगे की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराता है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत योग्यता परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यह ऋण एनबीसी योजना के तहत भारत एवं विदेश में अध्ययन के लिए 15.00 लाख रुपए तक 8 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। (कोर्स फीस का 90 प्रतिशत) और एन.एम.डी. इस योजना के अंतर्गत भारत में अध्ययन के लिए 20 लाख रुपए तक का ऋण तथा विदेश में अध्ययन के लिए 30.00 लाख रुपए (कोर्स फीस का 90 प्रतिशत) तक का ऋण 3 प्रतिशत से 8 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर प्रदान किया जाता है। ऋण का भुगतान कोर्स पूरा होने के 6 महीने के भीतर, 5 वर्ष (मेडिकल कोर्स के लिए 18 महीने) या नौकरी मिलने पर किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति तकनीकी पेशे के लिए ऋण लेना चाहता है तो उसे कम से कम मैट्रिक पास होना चाहिए। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पैतृक एवं गैर-तकनीकी योजनाओं के लिए यह शर्त आवश्यक नहीं है। एनबीसीएफडीसी और एनएमडीएफसी योजनाओं के तहत, आवेदक परियोजना लागत का 5 प्रतिशत योगदान देता है। इस संबंध में शर्तें पूरी करने के बाद, ऋण अदायगी सीधे आवेदक के बचत खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है, जिसे पांच वर्षों में 20 त्रैमासिक किस्तों में चुकाया जाता है। इसी प्रकार दिव्यांग व्यक्तियों (40 प्रतिशत या अधिक) जो इस टारगेट ग्रुप के अंतर्गत आते हैं, को ब्याज दर पर 0.25 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। इसके अलावा समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी को 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की छूट भी दी जाएगी। इस अवसर पर जिला योजना कमेटी की चेयरपर्सन करमजीत कौर, अजय शर्मा, राज कुमार ऑडिट अधिकारी बैकफिंको, मैडम राज रानी सहायक जिला मैनेजर एससी निगम, नरेश कुमार सुपरिडेंट कार्यालय जिला कल्याण अधिकारी, नीरज सिद्धू फील्ड अधिकारी बैकफिंको, बब्बू महे सरपंच बजवाड़ा कलां, दिगपाल, सुखबीर सिंह भी उपस्थित थे।












