
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। संयुक्त अरब अमीरात में हत्या के विभिन्न मामलों में दोषी करार दिए गए केरल के दो लोगों को फांसी की सजा दी गई है। कासरगोड के निवासी मुरलीधरन (43) और कन्नूर निवासी मुहम्मद रिनाश (29) को मौत की सजा सुनाई गई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों व्यक्तियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया और उन्हें सभी आवश्यक कानूनी सहायता प्रदान की गई।

मंत्रालय ने उनके परिवारों के लिए अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने की व्यवस्था भी की। रिनाश की मां और परिवार के अन्य सदस्य अबू धाबी गए, ताकि उसे दफनाने से पहले आखिरी बार देख सकें। केरल के कन्नूर जिले के थालास्सेरी निवासी 29 वर्षीय मुहम्मद रिनाश तीन साल पहले रोजगार की बड़ी उम्मीदों के साथ दुबई आया था।
रिनाश मानसिक रूप से बीमार यूएई के नागरिक जियाद राशिद अल मंसूरी के हमले से बचने की कोशिश कर रहा था। दोनों एक दूसरे को जानते थे, लेकिन किसी बात को लेकर उनके बीच बहस छिड़ गई और इस दौरान रिनाश ने राशिद की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। इसके बाद रिनाश को गिरफ्तार कर दुबई की एक जेल में बंद कर दिया गया, जहां वह दो साल तक रहा। उसके बाद उसे 2023 में मौत की सजा सुनाई गई थी।
कासरगोड के मूल निवासी मुरलीधरन (43) को साथी भारतीय नागरिक मोइद्दीन की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी। मुरलीधरन ने कथित तौर पर डकैती के प्रयास के दौरान हत्या की थी। मोइद्दीन के लापता होने के बाद उसके परिवार ने शिकायत दर्ज कराई। यूएई पुलिस की जांच में पता चला कि मुरलीधरन मोइद्दीन का फोन इस्तेमाल कर रहा था। बाद में पुलिस को पता चला कि मोइद्दीन की हत्या शव को रेगिस्तान में दफना दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मुरलीधरन को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे मौत की सजा सुनाई गई।












