
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 25 वर्षों से नाममात्र के वेतन पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों में सरकार व शिक्षा विभाग के प्रति भारी रोष प्रकट किया है। हिमाचल प्रदेश कमेटी शिक्षक संघ की अध्यक्ष सुमन ठाकुर, मुख्य संयोजक अजीत धीमान ने कंप्यूटर शिक्षकों की अनदेखी पर रोष प्रकट करते हुए प्रेस को संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए कहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बार-बार संघ को आश्वासन देने के बाद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश देने के बावजूद भी शिक्षा विभाग में कम्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में सम्मिलित करने हेतु कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है जिससे प्रदेश भर के 1321 कंप्यूटर शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है।

उन्होंने कहा कि 2023 में कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने हेतु फैसला आया था। इस फैसले को आए हुए लगभग 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को पुनः शुरू नहीं किया गया। कंप्यूटर शिक्षक सरकारी स्कूलों में बेहतर सेवाएं दे रहे हैं और सरकार के सभी नियमों एवं शर्तों का पालन करते हुए बच्चों को 25 वर्षों से पढ़ाई लिखाई करवा रहे हैं। कंप्यूटर शिक्षकों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के परिणाम में बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने में बेहतर योगदान देते आ रहे हैं। शिक्षा विभाग में कंप्यूटर शिक्षक ही एक ऐसा विभाग बचा है जिसको अभी तक शिक्षा विभाग में मर्ज करके नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग लिमिटेड डायरेक्ट रिक्यूटमेंट की बात कह मुख्यमंत्री को भी गुमराह करने में जुटा हुआ है। कंप्यूटर शिक्षक कुछ तो ओवरेज हो गए हैं और कुछ बिना नियमित हुए सेवानिवृत्ति भी हो गए हैं।
संघ ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि सभी कम्यूटर शिक्षकों को इस साथ विभाग में समायोजित किया किया जाए। इसके बाबजूद भी अभी तक विभाग द्वारा कोई भी प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं की गई। जिससे कंप्यूटर शिक्षकों का सब्र का बांध टूटता दिखाई दे रहा है और उनमें भारी आक्रोश पनप रहा है। अतः संघ की समस्त कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से एक बार पुनः आग्रह किया है कि इस विषय पर कड़ा संज्ञान लें और जल्द ही इन शिक्षकों को शिक्षा विभाग में सम्मिलित कर राहत प्रदान करें।












