
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। मुख्यमंत्री भगवंत मान जी को बधाई दी जा सकती है कि उन्होंने भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने के लिए छोटे छोटे नेताओं से लेकर अपने विधायकों और इससे पहले मंत्री पर भी नकेल डाली। जालंधर के विधायक रमन अरोड़ा पर विजिलेंस का रेड और उसके बाद गिरफ्तारी समाज के लिए सही दिशा है, पर एक बात मुख्यमंत्री जी ध्यान में रखें कि अगर वे आम जनता के नजदीक आएंगे तभी उन्हें पंजाब की असली हालत का पता लग सकेगा। यद्यपि आपने हजारों लोगों को नौकरी दी। बिना किसी भ्रष्टाचार के ट्रांसफर भी कीं और कुछ कर्मचारियों को रेगुलर भी किया। फिर भी अभी पंजाब की जनता आपसे बहुत कुछ कहना चाहती है। मुख्यमंत्री मान जिस दिन आम लोगों के मध्य आकर बैठेंगे उनकी तकलीफें और कहां कहां वे भ्रष्टाचारी नेताओं और अधिकारियों से सताए गए हैं।

यह सुनेंगे तभी पंजाब की असली हालत का उन्हें पता चल सकेगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार समाप्त करना चाहते हैं और नशों पर भी नियंत्रण चाहते हैं, पर जब तक पंजाब के बड़े बड़े नेता, सरकार और सरकारी शराब छोड़कर जनता के सामने आकर यह नहीं कहेंगे कि उन्होंने नशा छोड़ दिया है, जनता भी छोड़े तब तक अधिक सुधार नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री जी से मैं कई बार पूछ चुकी हूं कि एक बार सार्वजनिक घोषणा करें कि शराब नशा है या नहीं। अगर वे शराब को नशा नहीं मानते तो डटकर कहें अन्यथा जो सरकार शराब पिलाती है और पीती है उसके लिए नशों पर नियंत्रण करना कठिन ही हो जाएगा।












