
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नेत्रदान व शरीर दान के प्रति जागरूकता ही कोर्नियल ब्लाइंडनेस को दूर करने व पीड़ितों को नई रोशनी तथा मेडिकल साइंस को बढ़ावा देने का सबसे उत्तम माध्यम है। इसके द्वारा जहां कई लोगों को रोशनी मिल रही है वही मरणोपरांत शरीरदान करने हेतु मेडिकल की पढ़ाई कर रहे बच्चों को मदद मिलती है। उक्त विचार रोटरी आई बैंक के प्रधान व प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा ने व्यक्त करते हुए कहा की मोहल्ला हरी नगर निवासी मधु भारद्वाज ने मरणोपरांत शरीर दान करने हेतु व उनके पति अशोक भारद्वाज ने नेत्रदान का प्रण पत्र भरकर समाज में मिसाल कायम की है। इस अवसर पर म्युनिसिपल काउंसलर राजेश्वर दयाल (बब्बी) विशेष तौर पर उपस्थित थे और उन्होंने सोसाइटी के कार्यों के प्रशंसा करते हुए कहा कि किसी की अंधेरी जिंदगी को रोशन करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है और आज हमारा समाज रोटरी आई बैंक जैसी संस्थाओं के बल पर ही आगे बढ़ रहा है उन्होंने सोसाइटी को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर प्रधान संजीव अरोड़ा व चेयरमैन जे. बी. बहल ने कहा कि उक्त दंपति द्वारा प्रण पत्र भरकर समाज के समक्ष मिसाल कायम की है तथा उनकी मिसाल से समाज सेवा हेतु कुछ करने की इच्छा रखने वालों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत का कार्य करेगी। बहल ने बताया कि अब तक 24 शरीर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को अनुसंधान के लिए भेजे जा चुके हैं व अब तक 169 लोगों द्वारा शरीर दान करने हेतु प्रण पत्र भरकर रजिस्ट्रेशन करवाई जा चुकी है तथा इसके साथ अब तक 4117 कोर्नियल ब्लाइंडनेस पीड़ितों को नई आंखें लगवा कर रोशनी प्रदान की जा चुकी है और उन्होंने कहा कि नेत्रदान व शरीर दान ही एक ऐसा दान है जो मरणोपरांत ही किया जाता है इसके लिए जीते जी प्रण पत्र भरना होता है ताकि जाने के बाद कोई अड़चन पैदा ना हो। इस अवसर पर मधु भारद्वाज ने शरीर दान प्रण पत्र भरने उपरांत कहा कि उनकी दिली इच्छा थी कि उनका शरीर मरणोपरांत किसी के काम आए इसलिए मैंने रोटरी आई बैंक के माध्यम से प्रण पत्र भरकर अपनी इच्छा पूरी की। इस अवसर पर मदन लाल महाजन ,जसवीर कंवर, प्रो. दलजीत सिंह, श्याम सुंदर मोदगिल ,सुमन लता मोदगिल, विकास सैनी,अभिषेक भारद्वाज (पुत्र) व अन्य उपस्थित थे












