
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- रजनीश शर्मा। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर पूरे देश में सेना के शौर्य, साहस और पराक्रम की सराहना हो रही है। इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए समस्त देशवासी भारतीय सेना और हमारे वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में देश की जिन बेटियों को खोया गया, उनका आज भी कोई स्पष्ट पता नहीं है। ऐसे समय में जब सेना आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर न्याय की दिशा में कदम बढ़ा रही थी, तो बीच में ही विदेशी दबाव के कारण इस कार्रवाई को रोक देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रहा। इससे न केवल देशवासियों में निराशा फैली बल्कि सेना के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
कौशल ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी रगों में खून नहीं बल्कि ‘गर्म सिंदूर’ दौड़ रहा है। उन्होंने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि यह बयान उनकी विफलता और कमजोरी को छुपाने का प्रयास प्रतीत होता है। वास्तविकता यह है कि पहलगाम हमले के दोषी अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं और प्रधानमंत्री ने इस विषय में कठोर निर्णय लेने के बजाय विदेश नीति के दबाव में आकर देश के सम्मान और शहीद बेटियों के ‘सिंदूर’ के साथ समझौता कर लिया।
प्रेम कौशल ने अंत में कहा कि देश की जनता को जवाब चाहिए कि आतंकियों के विरुद्ध शुरू की गई कार्यवाही को अधूरा क्यों छोड़ा गया और पहलगाम की शहीद बेटियों को न्याय कब मिलेगा।












