
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने खसरा एवं रूबेला उन्मूलन अभियान (2025-26) का शुभारंभ किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि जैसा कि हम जानते हैं कि खसरा और रूबेला संक्रामक वायरल रोग हैं, जिनके परिणामस्वरूप गंभीर बीमारियां और जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे निमोनिया, दस्त, मस्तिष्क में सूजन और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है। इनसे बचने का एकमात्र उपाय पूर्ण टीकाकरण है। डॉ. सीमा ने बताया कि यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एमआर वैक्सीन की दो खुराकें दी जाती हैं, पहली खुराक 9-12 महीने पर और दूसरी 16-24 महीने पर। एमआर टीके की दूसरी खुराक खसरा और रूबेला दोनों के विरुद्ध 95% से अधिक प्रभावकारिता प्रदान करती है। इस अभियान में लाभार्थियों को एमआर टीके की दो खुराकें देने के साथ-साथ अन्य टीके समय पर लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, तथा एमआर उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कम कवरेज वाले क्षेत्रों और बच्चों में कम प्रतिरक्षा स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एमआर उन्मूलन कार्यक्रम 24 अप्रैल 2025 को पूरे भारत में शुरू किया गया।

उन्होने बताया कि होशियारपुर जिले में हमने ऐसे लाभपात्रों की पहचान की है जिन्हें एमआर1 या एमआर2 टीकाकरण, या दोनों की आवश्यकता है। हमारी एएनएम और आशा कार्यकर्ता उन्हें टीकाकरण के लिए निर्धारित टीकाकरण सत्र स्थलों पर बुला रही हैं। होशियारपुर के मोहल्ला कच्चा टोभा, गढ़ी गेट, कृष्णा नगर आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में खसरे के कुछ संदिग्ध मामले सामने आने के कारण, इन क्षेत्रों में खसरे के किसी भी संदिग्ध मामले का पता लगाने के लिए एमपीएचडब्ल्यू (पुरुष), एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस के चलते मोहल्ला कृष्णा नगर की नगर पार्षद मीना शर्मा के सहयोग से कृष्णा नगर स्थित उनके आवास पर भी टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें एमआर टीका उन बच्चों को लगाया गया जो डीयू थे या जिन्हें अभी तक यह टीका नहीं लगा था।
डॉ. सीमा गर्ग ने कहा कि यह अभियान तभी सफल हो सकता है जब आम जनता इसके प्रति जागरूक होगी। उन्होंने समस्त ज़िला निवासियों से विनम्र अपील की है कि यदि बच्चों में खसरा या रूबेला के लक्षण जैसे शरीर पर दाने, बुखार, नाक बहना या लाल धफ़ड दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी आयुष्मान आरोग्य केंद्र या आम आदमी क्लीनिक से संपर्क करें, जहां सभी प्रकार के परामर्श, जांच के साथ-साथ उपचार भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।












