
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वर्णकार संघ वन पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व पार्षद सुदर्शन धीर ने कहा कि जब भी कोई चोरी का सोना किसी स्वर्णकार को बेचता है या गिरवी रखता है तो उस मामले में स्वर्णकार को भी दोहरी मार का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर वही चोर सोने को किसी बैंक में गिरवी रखकर लोन आदि लेता है तो उस मामले में बैंक पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती। जिस प्रकार नशा तस्करों पर सरकार ने शिकंजा कसा है उसी तर्ज पर चोरों पर भी शिकंजा कसा जाए और सारी भरपाई उन्हीं से करवाई जाए। श्री धीर ने कहा कि अकसर देखा गया है कि जब भी कोई चोर किसी स्वर्णकार के पास सोना बेचने या गिरवी रखने जाता है तो वह घर में किसी के बीमार होने या कोई समारोह होने की बात करता है, जिस पर विश्वास करके स्वर्णकार उसे पैसे दे देता है। लेकिन जब चोरी की वारदात सामने आती है तो स्वर्णकार को दोहरा दंड़ भोगना पड़ता है, एक तो उसे सोना वापिस करना पड़ता है वहीं उसे पुलिस की कार्यवाही का भी सामना करना पड़ता है।

जबकि गलती सारी चोर की होती है, पर उसकी गाज स्वर्णकार को भी झेलनी पड़ती है। ऐसे में स्वर्णकार को आर्थिक रुप से तो नुकसान होता ही है वहीं समाज में उसकी छवि भी धूमिल होती है। पर ऐसे मामलों में बैंक पर कोई कार्यवाही न होना दोहरे मापदंड को दर्शाता है, क्योंकि वह भी सिर्फ आधार कार्ड आदि लेकर ही सोने पर लोन दे देते हैं, फिर भले ही वह चोरी का हो। इसलिए सरकार कोई ऐसा कानून बनाए जिससे कि ऐसी स्थिति में स्वर्णकार को कार्यवाही से छूट दी जाए। उन्होंने पंजाब के स्वर्णकार भाईचारे से अपील की कि वह इस मामले में एकमंच पर आएं ताकि स्वर्णकारों की हकों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।












