
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय संविधान में देश के प्रथम नागरिक की उपाधि महामहिम राष्ट्रपति जी को दी है और इसी तरह किसी भी शहर के मेयर जा नगर पालिका के प्रधान को प्रथम शहरी की उपाधि से नवाजा गया है और जब भी कोई सरकारी कार्यक्रम होता है तो प्रोटोकॉल के अनुसार अगर महामहिम राष्ट्रपति जी भी शहर में आए हो तो मेयर की कुर्सी उनके साथ लगाई जाती है पर बीते दिनों महामहिम राजपाल जी के होशियारपुर आगमन पर मौजूदा विधायक की हाजिरी में जिस कदर शहर के प्रथम नागरिक नगर निगम के मेयर सुरेंद्र कुमार को कुर्सी ना देकर उन्हें पीछे खड़ा होने के लिए विवश किया गया इससे पता चलता है कि पंजाब में नोसखियों की सरकार चल रही है। तलवार ने कहा हैरानी तो इस बात की है कि यह सारा प्रोटोकॉल देखने की जिम्मेदारी विशेष प्रशासनिक अधिकारी की होती है और उसने भी इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और खुद जिलाधीश इस कार्यक्रम में कुर्सी पर बैठे थे।

उन्होंने कहा पंजाब में पहले ही सत्ता पर काबिज नेताओं द्वारा विरोधियों को जलील करने की घटनाएं आम देखने को मिलती रही हैं पर अब तो संविधानिक पोस्ट एवं अपने ही पार्टी के मेयर को जिस तरह जलील किया गया है उससे यह बात स्पष्ट हो गई है कि पंजाब की जनता ने जिन लोगों को पंजाब की बागडोर सौंपी थी वह इस काबिल नहीं थे । तलवार ने बताया कि उन्होंने एक पत्र के माध्यम से यह सारी घटना महामहिम राज्यपाल जी के ध्यान में लाकर चुने हुए नुमाइंदों का बनता सत्कार उन्हें मिले इस बात के लिए सरकार को वाद्य करने की अपील की है।











