
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। योग साधन आश्रम मॉडल टाउन में गुरु माता राजरानी की 24वी पुण्यतिथि तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में दो दिवसीय कार्यक्रम आज आरंभ हुआ। इस मौके पर मुख्य आचार्य चंद्र मोहन ने कहा कि जिस प्रकार सतगुरु देव चमन लाल महाराज हमारी आत्मा के मार्गदर्शक थे। इसी तरह गुरु माता जी गृहस्थी को किस तरह से सुगम बनाना है इसका स्वयं उदाहरण बनकर भक्तों के सामने आई थी। वह आश्रम में आए हुए प्रत्येक भगत का अपने बच्चों से भी अधिक ध्यान रखती थी। उन्होंने सदगुरु देव चमन लाल जी महाराज के साथ ही स्वामी मुलख राज जी से दीक्षा ग्रहण की थी। जो शिक्षा गुरु जी ने अपने जीवन काल में दी उसका अनुसरण करते हुए उन्होंने योग के प्रसार में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपना जीवन आध्यात्मिक तरक्की के लिए एक उदाहरण के तौर पर हमारे सामने रखा। वह कभी भी किसी से नाराज नहीं होती थी। एक बार जो निश्चय कर लेती थी उसे पूरा करके ही छोड़ती थी। गुरु महाराज कहा करते थे कि शरीर तथा मन को निरोग रखा जा सकता है।

केवल इसके लिए राजयोग और हठयोग को करना होगा। रोगों को खत्म किया जा सकता है इसके लिए हठयोग व राज योग के साथ-साथ प्राणायाम व कपालभाति भी उन्होंने बताया। आत्मा के लिए उन्होंने योग दिया। लेकिन संसार में हमारा मन लगा रहता है उसे बचाने के लिए अपने चरणों में लगाया। वह कहा करते थे कि अगर मन चिताओं से मुक्त रहेगा तो ही गुरु को याद कर सकेगा। गुरु के जीवन को अपने में धारण करो। अगर पूजा करनी है तो गुरु के चरणों की करो। सारे धाम गुरु चरणों में निवास करते हैं। गुरु के मुख से निकला हुआ वचन दिव्य होता है इसलिए उन्हें ध्यान से सुनो। बार-बार गुरु को याद करो। गुरु की कृपा से ही मुक्ति मिल सकती है। गुरु की आज्ञा का पालन करो। गुरु सेवा के माध्यम से गुरु को प्रसन्न करो। गुरु जब चाहे जन्म मरण से मुक्ति दे सकते हैं। गुरु के चरणों में बैठने का मौका गुरु कृपा से ही मिलता है। इस मौके पर श्री योग महादेव रामायण के पाठ का आरंभ हुआ जो कल तक चलेगा। इस उपरांत आरती के बाद प्रसाद भी वितरित किया गया।












