
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि आम आदमी पार्टी बेशक अपने आप को आंदोलन में से निकली पार्टी कहती हैं परन्तु उसकी करनी और कथनी में जमीन आसमान का अंतर हैं कई मसलों में बोलने की आज़ादी की बकालत करनी वाली आम आदमी पार्टी सत्त्ता में आने के बाद एक दम तानाशाह का रूप धारण कर चुकी हैं। राजनीतिक कारणों से अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार करने के बाद आम आदमी पार्टी इतनी डर गई हैं कि उसे लोगों की अपनी बात कहने की आजादी से भय लगने लगा हैं। इससे पहले भी आम आदमी पार्टी की सरकार प्रेस मीडिया को अपने खिलाफ बोलने पर से डराती, धमकाती रही हैं तथा उन पर दबाव बढ़ाने के लिए उनके इश्तिहार बंद किये जाते हैं व पत्रकारों पर पर्चे दर्ज किये जाते रहे हैं। आप नेताओं तथा कार्यकर्तों, जो भी आत्मा की आवाज पर पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ सही सलाह देते हैं, उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जाती हैं।

बीती रात से आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा अकाली नेताओं व वर्करों को जहां भी वह लोग उपस्थित थे उन्हें नजरबन्द करने की कारवाई जो शुरू की हैं, उसकी जितनी निंदा की जाए वो कम हैं यह एक तरह का आघोषित आपातकाल हैं तथा आम आदमी पार्टी सरकार की इस कार्यप्रणाली ने फिर से 50 साल पहले श्रीमती इंद्रागाँधी द्वारा लगाई गई एमर्जेन्सी की याद ताज़ा करवा दी है। श्री सूद के साथ उपस्थित भाजपा नेताओं यशपाल शर्मा व अश्वनी गेंद ने कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार की अघोषित आपातकाल लगाने की कार्रवाई आम आदमी पार्टी के कफन में कील साबित होगी।












