Wednesday, October 21, 2026
Home Hoshiarpur “हर शुक्रवार डेंगू ते वार” अभियान के तहत घरों, खाली प्लॉटों, पुलिस...

“हर शुक्रवार डेंगू ते वार” अभियान के तहत घरों, खाली प्लॉटों, पुलिस थानों में की डेंगू के लार्वा की जाँच

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग होशियारपुर द्वारा “हर शुक्रवार डेंगू ते वार अभियान” के तहत सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. पवन कुमार शगोत्रा जी के दिशा-निर्देशों और जिला एपीडिमोलोजिस्ट डॉ. जगदीप सिंह के नेतृत्व में पूरे जिले में डेंगू रोधी गतिविधियाँ चलाई गईं। इस अभियान के अंतर्गत, खुले में पड़े कूलर, टायर, टूटी बाल्टियाँ/प्लास्टिक के कंटेनर, डिस्पोजेबल कप/प्लेट आदि, रेफ्रिजरेटर के पीछे रखी ट्रे, मिट्टी के बर्तन, पशु/पक्षियों के पीने के बर्तन आदि जैसे विभिन्न प्रकार के बर्तनों में मच्छरों के लार्वा की जाँच की गई और जहाँ पानी नहीं निकल पा रहा था, वहाँ लार्वानाशक का छिड़काव किया गया।

Advertisements

इस अभियान की गतिविधियों के बारे में बताते हुए, सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि लोगों को सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर खाली करने, अगले दिन उन्हें सुखाकर पानी भरने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी से भरे किसी भी प्रकार के बर्तन को हमेशा ढककर रखना चाहिए और सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करना चाहिए। नर्सिंग के छात्रों और स्कूली बच्चों को इन गतिविधियों में लगातार शामिल किया जा रहा है। अब ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के सदस्यों को भी गतिविधियों का हिस्सा बनाया जा रहा है। क्योंकि डेंगू के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आइए, “हर शुक्रवार डेंगू से लड़ें” अभियान का हिस्सा बनें और एक स्वच्छ एवं स्वस्थ पंजाब बनाने में अपना योगदान दें।

डॉ. जगदीप सिंह ने बताया कि आज होशियारपुर शहरी क्षेत्र में एंटी-लार्वा टीमों ने घरों/खाली प्लॉटों, पुलिस थानों, पुलिस लाइन का निरीक्षण किया और लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया। गौरतलब है कि बहुत से लोगों को यह पता नहीं होता कि एडीज़ मच्छर नालियों, सीवरों, तालाबों, सड़कों पर पड़े पानी में नहीं पनपते, बल्कि घरों में और आसपास उपलब्ध साफ पानी के खुले बर्तनों में पनपते हैं। इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि लोग बर्तनों में पानी जमा न होने दें और सभी प्रकार के बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार खाली करें। साथ ही, दिन में पूरे कपड़े और जूते/मोज़े पहनकर मच्छरों के काटने से खुद को बचाएँ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here