Sunday, November 1, 2026
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कला शिक्षा विद्यार्थियों की सोच, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्म-विश्वास को मजबूत करती है: ललिता अरोड़ा

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (SCERT) और Slam Out Loud एन.जी.ओ. के संयुक्त प्रयास “प्रोजेक्ट आवाज़” के तहत ज़िले के आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों के लिए एक विशेष सेमिनार का आयोजन राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेलवे मंडी होशियारपुर में किया गया।

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सेमिनार के दौरान ज़िला शिक्षा अधिकारी (सैकंडरी) ललिता अरोड़ा द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “कला शिक्षा न केवल विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ावा देती है, बल्कि उनकी सोचने-समझने की क्षमता, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्म-विश्वास को भी सशक्त बनाती है। यह विषय विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने और उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि, “कला शिक्षक विद्यालयी शिक्षा की रीढ़ की हड्डी हैं और उनकी भूमिका बेमिसाल है।” उन्होंने कहा कि कला विषय में निपुण विद्यार्थी अन्य विषयों को भी सरलता से हल कर लेते हैं।

इस अवसर पर  प्रिंसिपल राजन अरोड़ा , रजनीश कुमार गुलियानी ज़िला कोऑर्डिनेटर और राकेश फुल करियर गाइडेंस काउंसलर भी उपस्थित रहे।

इस सेमिनार में ज़िले के 74 आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों ने तीन बैचों में भाग लिया। सेशन में कला विधियों, विद्यार्थी केंद्रित नवाचारी तरीकों और रचनात्मक प्रस्तुतियों पर ज़ोर दिया गया। इस दौरान अध्यापकों द्वारा एक कला प्रदर्शनी भी लगाई गई।आर्ट मेंटर जतिंदर सैणी, टहल सिंह, और योगेश्वर सलारिया द्वारा विज़ुअल आर्ट्स की नई तकनीकों को सिखाया गया और अध्यापकों से रचनात्मक गतिविधियाँ करवाई गईं।

जतिंदर सैणी ने श्रीमती ललिता अरोड़ा को अपनी बनाई वॉटर कलर पेंटिंग भेंट की। पूर्व डिप्टी डी.ई.ओ. और प्रसिद्ध चित्रकार श्री दर्शन सिंह ने भी सेमिनार में हिस्सा लिया और कला एवं साहित्य से संबंधित नई तकनीकों पर अपना विश्लेषण साझा किया। यह सेमिनार ज़िले में कला शिक्षा को नई दिशा और नई ऊँचाइयाँ प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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