
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। हिमाचल प्रदेश में सरकारी शिक्षा की गिरती हालत को लेकर आम आदमी पार्टी ने गंभीर चिंता जताई है। 1 से 7 अगस्त तक चलाए गए “सरकारी स्कूल विजिट कैंपेन” के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया।

इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सूचनाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है,भवन जर्जर स्थिति में हैं,मूलभूत सुविधाओं का अभाव है (शौचालय, पीने का पानी, बिजली आदि),शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। यह स्थिति न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकारमय बना रही है, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में भी बाधा उत्पन्न कर रही है।
हम निम्नलिखित मांग करते हैं कि राज्य के कुल बजट का कम से कम 25% भाग शिक्षा क्षेत्र को आवंटित किया जाए, ताकि अधोसंरचना, मानव संसाधन और डिजिटल शिक्षा में सुधार लाया जा सके। रिक्त पदों पर शीघ्र शिक्षक नियुक्त किए जाएं। सभी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाई जाएं। शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सशक्त किया जाए ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
हम आशा करते हैं कि आप हमारी चिंता को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त और प्रेरणास्पद राज्य के रूप में उभर सके। इस मौके पर आम आदमी पार्टी हमीरपुर के जिलाध्यक्ष धनी राम धीमान, विधानसभा प्रवक्ता खुशविंदर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर विंग डॉ सुमित पुन्याल व कार्यकर्ता नवीन कुमार आदि उपस्थित रहे।












