
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में हाल ही में हुई भारी वर्षा और बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों की मदद के लिए समाज के विभिन्न वर्ग आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में रिटायर्ड एग्रीकल्चर टेक्नोक्रेट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर आशिका जैन को पुनर्वास और राहत कार्यों हेतु चार लाख रुपए की राशि का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भेंट किया।

इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह परमार एवं वरिष्ठ सदस्य स्वतंत्र कुमार ऐरी, डीए (पंजाब) रिटायर्ड, ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों ने अपने घर, फसलें और पशुधन खो दिए हैं। ऐसे समय में जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाना समाज का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह योगदान बाढ़ पीड़ितों के जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में एक छोटा-सा प्रयास है।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने एसोसिएशन द्वारा किए गए इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और लोगों का सहयोग बेहद जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और जरूरी सुविधाओं की पूर्ति में किया जाएगा।
इस मौके पर परमिंदर सिंह ग्रेवाल, सुरिंदर सिंह, मनजीत सिंह, मंझेल सिंह कालकट, सुखविंदर सिंह ढिल्लों, किशोरी लाल, दीपक आदिया और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर कहा कि समाज में आपसी सहयोग और मानवीय संवेदनाओं से ही मुश्किल घड़ियों का सामना किया जा सकता है।
रिटायर्ड एग्रीकल्चर टेक्नोक्रेट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने आगे भी जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसान समाज से जुड़े होने के नाते वे अच्छी तरह जानते हैं कि प्राकृतिक आपदा का असर सबसे अधिक ग्रामीण जीवन और कृषि पर पड़ता है। इसलिए प्रभावित लोगों की मदद करना उनका पहला दायित्व है।
इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने उपस्थित सभी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन और समाज के मिलकर किए गए प्रयासों से ही बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत मिल पाएगी और वे जल्द ही सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे।












