
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला भाजपा अध्यक्ष निपुण शर्मा की अध्यक्षता में पंजाब सरकार द्वारा बाढ़ प्रबंधन की असफलता के मुद्दे पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।जिसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला उपस्थित हुए। 2025 की विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिये पंजाब में बाढ़ से पूर्व बचाव के लिए, बाढ़ के दौरान सहायता के लिए और बाढ़ के बाद पुनर्वास सुनिश्चित करने में जो दिल्ली के असफल नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की भगवंत मान की सरकार की भारी विफलता को उजागर कर दिया है। यह आरोप भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने एक प्रेस कांफ्रेंस में “पंजाब भारतीय जनता पार्टी की चार्जशीट” ( आरोप पत्र ) में लगाए गए।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा 31 मार्च 2023 को प्रस्तुत कैग (CAG) की पंजाब राज्य वित लेखा परीक्षा रिपोर्ट 2023 से पता चला है कि आम आदमी पार्टी की सरकार एस.डी. आर. एफ निधि का उपयोग करने में विफल रही। इसके बजाय, सरकार ने कथित तौर पर निधि को इच्छित उद्देश्यों पर खर्च न करके अन्य उद्देश्यों पर खर्च किये। जिससे वितीय मंत्री की जवाब देही पर गंभीर सवाल उठते हैं।और भगवंत मान ने जवाबदेही से बचते हुए बड़ी बेशर्मी से केंद्र सरकार पर ही आरोप लगा दिया ।
पूर्व मंत्री ने कहा एस.डी.आर.एफ फंड के लिए कोई अलग खाता नहीं रखा गयाः, जबकि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एस.डी.आर.एफ) के लिए अलग खाता बनाना होता है, जो कि अनिवार्य है।
सांपला ने बताया कि आपदा राहत के लिए निर्धारित 12,589.59 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करने के बजाय, आम आदमी पार्टी ने इस धनराशि को सामान्य कोष में डाल दिया ।और अरविंद केजरीवाल की फिजूलखर्ची वाली हेलीकॉप्टर यात्राओं, जेड सुरक्षा, विलासितापूर्ण जीवनशैली और लगातार झूठे प्रचार के हथकंडों पर इसे बर्बाद कर दिया।
इस घोर कुप्रबंधन ने पंजाब में बाढ़ प्रभावित लोगों को बेसहारा छोड़ दिया, जिससे आम आदमी पार्टी की घोर विफलता उजागर हुई है । मान सरकार स्पष्ट करें कि केंद्र सरकार दिया गया SDRF के ₹12589.59 कहा है ? यह पुछना पंजाब की जनता का हक़ है ।
विजय सांपला ने कहा कि “बार-बार चेतावनियों, विशेषज्ञों की रिपोर्टों और केंद्र द्वारा कई हजार करोड़ दिए जाने के बावजूद पंजाब सरकार अपने लोगों की रक्षा करने या प्रभावी ढंग से सहायता देने में बुरी तरह नाकाम रही।
उन्होंने कहा कि मान सरकार ने 2023 की बाढ़ से कोई सबक नहीं लिया गया। “न तो कोई जांच पूरी हुई और न ही अहम सिफारिशों को लागू किया गया। मौसम विभाग की शुरुआती चेतावनियों के बावजूद आप सरकार ने बचाव के लिए ठोस कदम नही लिए । मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य से बाहर दौरों में व्यस्त थे, जबकि पंजाब बाड़ से डूब रहा था ।
सांपला ने नदियों के तटबंध, हेडवर्क्स और नदियों की भयावह बद-इंतजामी का उदाहरण दिया। “कई रिपोर्टों ने पंजाब की नदियों पर 133 संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की थी। तात्कालिक कदम उठाने की बजाय सरकार ने नदियों के किनारे अवैध खनन को बढ़ावा दिया, जिससे तटबंध कमजोर हुए और बड़े पैमाने पर टूट गए ।”
सांपला ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पंजाब की आप सरकार को बाढ़ से पहले रोकथाम, बाढ़ के दौरान राहत और बाढ़ के बाद पुनर्वास कार्यों के लिए दिए गए ₹12,500 करोड़ एसडीआरएफ को मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने खुर्द पुर्द कर दिए ।
अंत में उन्होंने कहा कि आरोप पत्र से साबित होता है कि यह आपदा मैन मेड़ यानी “मान मेड़ आपदा” जिसका कोई दोषी है तो वह भगवंत मान मुख्यमंत्री, उनके मंत्री और उनके दिल्ली वाले आका हैं । इस लिए “पंजाब को जिम्मेदार, पारदर्शी और संवेदनशील नेतृत्व की जरूरत है — न कि ऐसे नेतृत्व की, जो जनता को आपदा पर भी ग़ैरज़िम्मेदार की तरह व्यवहार करे।”
इस मौके जिला महामंत्री बिन्दुसार शुक्ला, जिंदू सैनी, अश्वनी गेंद,भारत भूषण वर्मा, अश्वनी ओहरी, एस. एम सिद्धू,कमल वर्मा, विपुल वालिया आदि उपस्थित थे।












