
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से CSIR-NISCPR (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान) द्वारा पंजाब के ग्रामीण स्कूलों में ‘STEM’ (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) की अलख जगाई जा रही है। इसी कड़ी में आज जिला होशियारपुर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ढोलवाहा में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों में ‘वैज्ञानिक स्वभाव’ को विकसित करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना था। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लगभग 250 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि पंजाब राज्य में स्टैम जागरूकता के प्रभाव को मापने के लिए कुल 12 कार्यशालाओं का लक्ष्य रखा गया है। बठिंडा, रूपनगर, मोगा, चंडीगढ़ और गुरदासपुर के बाद होशियारपुर में आयोजित यह छठी कार्यशाला थी।

विशेषज्ञों ने दिया करियर मंत्र
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. राजीव कुमार (प्रिंसिपल, जीजीडीएसडी कॉलेज, हरियाना) ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाला समय तकनीक का है, इसलिए छात्रों को रटने के बजाय ‘करके सीखने’ पर जोर देना चाहिए। उन्होंने (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। सत्र के दौरान रिसोर्स पर्सन फौरन चंद ने विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रैक्टिकल मेज पर ला खड़ा किया। उन्होंने बिजली और प्रकाश के जटिल सिद्धांतों को ‘हैंड्स-ऑन’ गतिविधियों के माध्यम से समझाया। छात्रों ने खुद इन प्रयोगों को दोहराया, जिससे उनके चेहरे पर विज्ञान को समझने की चमक साफ देखी गई। इस अवसर पर रिसर्च साइंटिस्ट अजय शर्मा, बीआरसी अमनप्रीत सिंह और अशोक कालिया सहित विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। वैज्ञानिकों ने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा में आने का मौका मिलेगा।












