
हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। अगर आप हिमाचल प्रदेश में घूमने जाने का मन बना रहे हैं या आप हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं तथा रहते पंजाब या किसी अन्य राज्य में हैं और आपके पास अन्य राज्य से संबंधित छोटी या बड़ी गाड़ी है तो आपको अपने घर जाने के लिए अब पहले से तीन गुणा प्रवेश शुल्क देकर हिमाचल में प्रवेश करना पड़ेगा। एक तरफ तो हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स के नाम पर की जा रही वसूली को लेकर पहले ही लोग परेशान हैं तथा अब उनकी परेशानियां और भी बढ़ने वाली हैं, क्योंकि उनकी जेब पर अब और भार पड़ने वाला है।

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों की एंट्री फीस में 10-20 नहीं बल्कि सैकड़ों रुपये का इजाफा कर दिया है। नई नीति 1 अप्रैल से लागू होगी और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। नई दरों के अनुसार, छोटे वाहनों (जैसे कार, इनोवा, थार, वैन) के लिए अब 170 रुपए का एंट्री टैक्स वसूला जाएगा जबकि पहले यह 70-110 रुपये तक था। बड़े ट्रक और बसों का शुल्क 900 रुपए तय किया गया है तथा जबकि पहले यह अधिकतम 720 रुपए था। मिनी बस के लिए शुल्क 320 रुपए, सामान्य बस/ट्रक 570 रुपए, और हैवी टिप्पी/ट्राला को 900 रुपए देने होंगे। सरकार की नई पालिसी ने सफर को और महंगा कर दिया है तथा इस कारण बसों को किराया बढ़ाने को भी मजबूर होना पड़ेगा। जिसका सीधा असर आम यात्रियों पर भी पड़ेगा और लोगों को महंगाई की मार झेलने को विवश होना पड़ेगा।
इसके अलावा सरकार ने नई नीति के तहत पहली बार छह प्रमुख बैरियरों को फास्टैग से जोड़ने का भी निर्णय लिया है। उधर, नंगल और आसपास के गांवों के लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे रोज़मर्रा की आवाजाही और पर्यटन प्रभावित होगा। स्थानीय लोग सरकार से इस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने और शुल्क को पहले जैसी दर पर लाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही सरकार के इस फैसले का उन लोगों पर अधिक प्रभाव पड़ेगा जो रोजाना अपने वाहन से न्य राज्यों में नौकरीपेशे के लिए जाते हैं व उनके पास अन्य राज्य से संबंधित गाड़ी है।












