
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग की सुस्ती और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ (SOE) और मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिले का सपना देख रहे हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

जब समय निकल गया, तब जागा विभाग
सोशल मीडिया और विभागीय हलकों में वायरल हो रहे एक पत्र (मेमो नं: SCERT-SDP01/124/2026-SDP-SCERT/1013657/31) ने विभाग की पोल खोल कर रख दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पत्र की तिथि 03.03.2026 अंकित है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसे वेबसाइट पर 11.03.2026 को सार्वजनिक किया गया।
इस पत्र के अनुसार:
· दाखिला परीक्षा के प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजियाँ (Answer Keys) वेबसाइट पर 03.03.2026 से 06.03.2026 तक लाइव की जानी थीं 。
· उत्तर कुंजियों पर आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 06.03.2026 (शाम 5 बजे) निर्धारित की गई थी ।
· पत्र में स्पष्ट लिखा है कि इस समय के बाद प्राप्त आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा 。
अभिभावक परेशान: अब कैसे दर्ज होगी आपत्ति?
बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग ने सूचना ही 11 मार्च को सार्वजनिक की है, तो छात्र 6 मार्च की डेडलाइन तक अपनी आपत्तियां कैसे दर्ज करा सकते थे? विभाग की इस तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उन छात्रों का भारी नुकसान हो सकता है, जिन्हें उत्तर कुंजी में किसी सुधार की उम्मीद थी।
यह सीधे तौर पर हजारों मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जब आपत्ति दर्ज कराने का समय 5 दिन पहले ही खत्म हो चुका है, तो अब इस नोटिस का क्या औचित्य रह जाता है?
“अंधेर नगरी चौपट राजा” वाली स्थिति बन गई है। अब देखने वाली बात यह है कि या तो आपत्ति दर्ज कराने की तिथि बढ़ाई जाती है या इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच की जाती है।












