
होेशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एसएवी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में प्रधान जीवन जैन के निर्देशानुसार स्कूल में भगत सिंह जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। प्रधान जीवन जैन ने अपने भेजे संदेश में कहा कि शहीद भगत सिंह भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से एक हैं, जिनका नाम आते ही रगों में देशभक्ति का जोश दौड़ने लगता है। उनके साहस और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी।

शहीद भगत सिंह भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से एक हैं, जिनका नाम आते ही रगों में देशभक्ति का जोश दौड़ने लगता है। उनके साहस और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। वे भारत माता के एक महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 1907 में पंजाब के बंगा (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। जलियांवाला बाग हत्याकांड ने उनके कोमल मन पर गहरा प्रभाव डाला, जिसके बाद उन्होंने छोटी उम्र में ही देश को आजाद कराने की ठान ली थी।
सचिव माणिक जैन ने कहा कि शहीद भगत सिंह जी ने “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बुलंद किया, जो आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है। असेंबली में बम फेंकना हो या लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेना, भगत सिंह ने कभी मौत की परवाह नहीं की। उनका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं, बल्कि ब्रिटिश शासन के “बहरे कानों” तक अपनी आवाज पहुँचाना था।
कोषाध्यक्ष साहिल जैन ने कहा कि मात्र 23 वर्ष की आयु में, 23 मार्च 1931 को वे राजगुरु और सुखदेव के साथ हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।भगत सिंह न केवल एक योद्धा थे, बल्कि एक प्रखर विचारक और लेखक भी थे। वे आज भी करोड़ों भारतीय युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर स्कूल डीन सुनीता दुग्गल, प्रिंसिपल मनु वालिया, अकादमिक फैसिलिटेटर सुषमा बाली व एचओडीज़ ने शहीद भगत सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्जित कर अपने श्रद्धासुमन भेंट किए।












