
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। शहर का हीरा कालोनी इलाका (जिसे भरवाई रोड या शिराज होटल मार्ग भी कहा जाता है) एक ऐसा इलाका है जो नगर निगम के अनुसार टाउन प्लानिंग योजना के तहत आता है। इस स्कीम के तहत सरकार एक इलाके को नोटीफाइड करती है तथा नियमों के उस इलाके में कुछ एरिए को छोड़ को बाकी का रिहायशी इलाका होता है तथा वहां पर कमर्शियल गतिविधियां यानि कि कमर्शियल इमारत नहीं बनाई जा सकती। लेकिन चंद सालों में हीरा कालोनी में कमर्शियल इमारतों की जैसा बाढ़ सी आ गई है तथा देखते ही देखते पूरा इलाका कमर्शियल इलाके में बदलता जा रहा है। निगम द्वारा सख्ती किए जाने के बावजूद भी चंद पूंजीपतियों एवं राजनीतिक रसूक वाले लोगों के आगे सरकारी तंत्र पूरी तरह से पंगू नज़र आ रहा है।

जिसके चलते रिहायशी इलाके की परिभाषा ही पूरी तरह से बदलती जा रही है। आलम यह है कि कोई कागज पर बने गांधी जी की कृपा से तो कोई अपने रसूख से मनमर्जी की इमारत बनाने में लगा है। जिस कारण वहां रह रहे दूसरे लोगों के समक्ष ढेर सारी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। लेकिन बावजूद इसके इसे रोकने वाला कोई नहीं। किसी को वोट चाहिए तो किसी को नोट। मामला पूरी तरह से सैट है तथा कोई भी इस तरफ ध्यान देना जरुरी नहीं समझ रहा। ताजा उदाहरण समाचार के साथ लगाई गई तस्वीर में सभी के सामने है।
जिसमें देखा जा सकता है कि किस प्रकार टीन की दीवारें बनाकर उसके पूछे चुपचाप कमर्शियल इमारत का निर्माण किया जा रहा है तथा इसके साथ ही दिख रहे शटर के स्थान पर भी कुछ समय पहले लोहे की टीनें लगी हुई दिख रही थीं जैसा कि आप एक साइड में देख रहे हैं। फिर अचानक से वह टीनें हटा दी गईं और दुकानें यानिकि शटर दिखने लगे। जिससे साफ है कि रिहायशी इमारत को बड़ी सफाई के साथ कमर्शियल बना दिया गया और किसी को खबर भी नहीं लगी। अब इस मामले देखना होगा कि निगम का क्या रुख रहता है।











