
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सेहत और विशेष रूप से उनकी आंखों की रोशनी को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब स्टेट मिड-डे मील सोसाइटी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, स्वास्थ्य कल्याण विभाग ने ‘जोती फाउंडेशन’ (Joti Foundation) नामक गैर-लाभकारी संस्था के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं । इस पहल के तहत प्रदेश भर के स्कूली बच्चों की ‘विज़न स्क्रीनिंग’ की जाएगी और आंखों की कमजोरी पाए जाने पर उन्हें मुफ्त चश्मा प्रदान किया जाएगा ।

15 दिनों में मिलेगी मदद
विभाग द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि विज़न स्क्रीनिंग के दौरान किसी भी विद्यार्थी की नजर कमजोर पाई जाती है, तो ऐसी रिपोर्ट मिलने के मात्र 15 दिनों के भीतर जोती फाउंडेशन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा । इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद छात्रों को बिना किसी देरी के उचित नंबर के चश्मे वितरित किए जा सकें ।
शिक्षकों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए केवल जांच ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फाउंडेशन की टीम के साथ मिलकर शिक्षक प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करें । इन सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को विज़न स्क्रीनिंग की प्राथमिक बारीकियों और फॉलो-अप गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे भविष्य में भी बच्चों की आंखों की सेहत पर नजर रख सकें ।
अधिकारियों को समन्वय के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जोती फाउंडेशन के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखें और स्कूलों में टीम की गतिविधियों के लिए आवश्यक मंजूरी प्रदान करें । स्कूल प्रमुखों को हिदायत दी गई है कि वे स्क्रीनिंग और चश्मा वितरण के लिए एक उचित समय-सारणी तैयार करें और फाउंडेशन की टीम को बुनियादी सुविधाएं व पूर्ण सहयोग उपलब्ध कराएं । जिला शिक्षा अधिकारी ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर सभी ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों (BPEOs) और स्कूल प्रमुखों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है । इस कदम से उन हजारों बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है जो आर्थिक तंगी या जागरूकता के अभाव में अपनी आंखों का इलाज नहीं करवा पाते थे।












