
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है। डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा पंजाब के निर्देशों अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), द्वारा जिले के सभी स्कूल प्रमुखों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।

विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
हाल ही में जारी पत्र के अनुसार, स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) के दौरान विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे— भारी बारिश, भूकंप और भीषण गर्मी (हीट वेव) से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दें। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में जागरूकता पैदा करना है ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम ले सकें।
फायर सेफ्टी और बिल्डिंग ऑडिट अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने केवल मौखिक जानकारी तक ही सीमित न रहते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया है। आदेश के तहत:
· मॉक ड्रिल: सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
· अग्निशमन प्रशिक्षण: विद्यार्थियों और शिक्षकों को अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
· सेफ्टी ऑडिट: स्कूल भवनों की सुरक्षा का ऑडिट (Safety Audit) कराया जाएगा ताकि बुनियादी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
18 अप्रैल तक मांगी गई रिपोर्ट
विभाग ने इस मामले में सख्त समय-सीमा निर्धारित की है। सभी स्कूल प्रमुखों को इन गतिविधियों को संपन्न करने के बाद उसकी कंपाइल रिपोर्ट और तस्वीरें/वीडियो 18 अप्रैल 2026 तक जिला स्तर के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करनी होगी। जिले से प्राप्त इन रिपोर्ट्स को संकलित कर अंतिम रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी। शिक्षा विभाग के इस कदम का उद्देश्य स्कूलों को सुरक्षित बनाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना है। स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












