
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), नीरज धीमान। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के प्रांगण में बीते दिन स्कूल मैनेजमेंट, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष ट्रेनिंग और वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य भर के प्रमुख शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया, जिसमें पी. डी. आर्य महिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल, होशियारपुर की प्रिंसिपल शिवानी शर्मा और लेक्चरर डॉ. प्रिया सैनी ने विशेष रूप से सहभागिता की।

नई शिक्षा नीति और तकनीकी नवाचार
कार्यशाला का मुख्य केंद्र नई शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन और बोर्ड की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाना रहा। विशेषज्ञों ने बोर्ड की वेबसाइट में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और नई तकनीक की जानकारी साझा की। बताया गया कि बोर्ड की साइट पर कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं, जो भविष्य में स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बना देंगे।
डायरेक्टर डॉ. अमरपाल सिंह का संबोधन
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के डायरेक्टर डॉ. अमरपाल सिंह ने उपस्थित अध्यापकों के साथ बहुत ही आत्मीय और विनम्र भाव से संवाद किया। उन्होंने पंजाब के भविष्य और छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपने मानवतावादी दृष्टिकोण को साझा किया। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में मानवीय मूल्यों का संचार करना भी अनिवार्य है।
संवाद और भविष्य की योजनाएं
वर्कशॉप के दौरान डॉ. अमरपाल सिंह ने विभिन्न विषयों पर अध्यापकों के सुझावों और विचारों को खुले दिल से सुना। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सार्थक सुझावों को बोर्ड की नीतियों में जल्द ही लागू किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में पी. डी. आर्य स्कूल की प्रिंसिपल शिवानी शर्मा और डॉ. प्रिया सैनी ने डायरेक्टर महोदय के साथ विशेष चर्चा की और स्कूल स्तर पर आने वाली चुनौतियों व उनके समाधान पर विचार साझा किए। यह कार्यशाला पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।












