Saturday, October 17, 2026
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अति सोचने की समस्या से उबरने के लिए आयोजित प्रेरणादायक कार्यशाला

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। युवाओं में तेजी से बढ़ रही ओवरथिंकिंग (अत्यधिक सोचने) की समस्या के समाधान हेतु NICE Computers द्वारा The Mind Mentorz के सहयोग से “Overcoming Overthinking” विषय पर एक प्रभावशाली एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

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कार्यशाला का संचालन The Mind Mentorz की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं पेरेंटिंग कोच डॉ. स्वीन सैनी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग के कारण, इसके मानसिक एवं शारीरिक प्रभाव तथा इससे बाहर निकलने के व्यावहारिक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न रोचक गतिविधियों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया कि किस प्रकार अनावश्यक चिंतन व्यक्ति की कार्यक्षमता, आत्मविश्वास एवं निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी समस्याएँ एवं अनुभव साझा किए, जिनका डॉ. स्वीन सैनी ने मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में अपनाई जा सकने वाली सरल एवं प्रभावी तकनीकों का अभ्यास भी करवाया, जिससे वे ओवरथिंकिंग पर नियंत्रण पा सकें।

कार्यक्रम के अंत में NICE Computers के निदेशक प्रेम सैनी ने डॉ. स्वीन सैनी का विद्यार्थियों के साथ बहुमूल्य ज्ञान साझा करने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्यशाला का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब सीखी गई बातों को जीवन में व्यवहारिक रूप से अपनाया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल अच्छे श्रोता ही नहीं, बल्कि अच्छे अनुयायी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे कार्यशाला में बताई गई गतिविधियों और तकनीकों को नियमित रूप से अपने जीवन में अपनाएँगे, तो वे ओवरथिंकिंग जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी रूप से विजय प्राप्त कर सकेंगे।

इस अवसर पर डॉ. स्वीन सैन एवं प्रेम सैनी ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में किसी भी छात्र को ओवरथिंकिंग, तनाव, मानसिक उलझनों अथवा भावनात्मक समस्याओं से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता या मार्गदर्शन की आवश्यकता हो, तो वे बेझिझक उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक एवं व्यक्तिगत विकास उनकी प्राथमिकता है और वे सदैव उनके साथ खड़े हैं। साथ ही, उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे जागरूकता एवं कौशल-विकास संबंधी कार्यशालाओं का नियमित आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने इस प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रमों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

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