
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होटल महाराजा होशियारपुर में बीते दिनों तीज का त्योहार बड़े उत्साह, पारंपरिक रंगों और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस भव्य आयोजन का आयोजन समाजसेवी अमनदीप कौर एमी द्वारा किया गया, जिसमें जिले की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नामी महिला हस्तियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी शिक्षा) होशियारपुर हरजिंदर कौर मुख्य अतिथि के रूप में विशेष तौर पर उपस्थित हुईं। उनके साथ स्कूल ऑफ एमिनेंस, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुआसपुर हीरां की प्रिंसिपल रमणदीप कौर तथा सुनीता ने भी शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मंच संचालन की जिम्मेदारी हरप्रीत कौर और रक्षा कुमारी ने बखूबी निभाई। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली प्रतिभागियों का परिचय करवाते हुए कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा। वहीं श्रीमती कवल सेठी ने अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार कर तीज उत्सव की गरिमा में चार चांद लगाए।
उत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने सोलो डांस, मॉडलिंग, लोकगीत और अन्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मॉडलिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रस्तुति देते हुए श्रीमती ममता शर्मा ने “मिस तीज” का खिताब अपने नाम किया। वहीं डार्केस्ट मेहंदी प्रतियोगिता में श्रीमती वंदना हीर की मेहंदी को सबसे गहरा रंग होने पर विजेता घोषित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे यादगार और भावनात्मक क्षण उस समय आया जब जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर कौर ने पंजाब की लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली पारंपरिक “घोड़ी” अपनी मधुर और सुरीली आवाज में प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित महिलाओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने उनकी गायकी की भरपूर सराहना की। इस प्रस्तुति ने नई पीढ़ी को पंजाब के समृद्ध लोक विरसे से जोड़ने का संदेश भी दिया।
अंत में आयोजक अमनदीप कौर एमी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पारंपरिक रंगों में रंगा यह तीज उत्सव पंजाब की लोक संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।












