Monday, October 5, 2026
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मांगें नहीं मानीं तो दिल्ली कूच करेंगे जीएमसी कर्मचारी, जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल की चेतावनी

जम्मू/राजौरी (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-अनिल भारद्वाज। सरकारी मेडिकल कॉलेज संबंधित जिला अस्पताल राजौरी के नॉन-गजटेड कर्मचारियों—पैरामेडिकल, नर्सिंग एवं एमटीएस स्टाफ की पिछले सात वर्षों से लंबित सेवा भर्ती नियमों (रिक्रूटमेंट रूल्स) और पदोन्नति संबंधी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन काम छोड़ो हड़ताल वीरवार को पांचवें रोज भी जारी रही। कर्मचारियों ने धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। जीएमसी राजौरी के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह भाटिया ने कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को संबंधित सरकारी अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और समाधान का आश्वासन भी मिला है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की। हालांकि, कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना जारी रखा।

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समर्थन में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता और युवा

वीरवार को राजौरी के कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा भी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से अपील की कि लंबे समय से लंबित भर्ती नियमों, पदोन्नति, कैरियर प्रगति तथा अन्य जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान किया जाए।
इस दौरान गौरव महाजन, हिमांशु भार्गव, अंशुमन चोपड़ा, दीपक स्पोत्रा, अतुल वर्मा, पारस गुप्ता, ओमेश्वर गुप्ता, आशु गुप्ता, पारस महाजन सहित अन्य गणमान्य लोग एवं युवा मौजूद रहे। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों और लोकतांत्रिक संघर्ष में वे आगे भी हरसंभव सहयोग एवं समर्थन देंगे।

मांगें पूरी न होने पर दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पदोन्नति और कैरियर प्रगति जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित समाधान की मांग की।

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