
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। गुरु पारस पत्थर की तरह होते हैं जो भी उनके पास आता है वह उन जैसा ही हो जाता है। लेकिन गुरु के पास जाने का सौभाग्य तभी प्राप्त होता है जब गुरु शिष्य को अपने पास बुलाते हैं। उक्त बात प्रभु रामलाल जी के वंशज रमन जोशी ने योग साधन आश्रम मॉडल टाउन में भक्तों के साथ अपने अनुभव सांझा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकाश सोना तपकर कुंदन होता है इस तरह गुरु भी अपने शिष्य की बुराइयों को दूर करके उसे ज्ञानी पुरुष बना देते हैं। कई बार गुरु से हम कुछ करने को कहना चाहते हैं लेकिन वह इसकी अनुमति नहीं देते क्योंकि उन्हें पता होता है कि किस बात में सुख नहीं है और कौन सी बात किस समय किस प्रकार से कही जानी उचित है। कई लोगों को भ्रम होता है कि वह सत्संग अथवा गुरु के आश्रम में अपनी मर्जी से आए हैं।

लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता क्योंकि जब तक गुरु नहीं बुलाते तब तक कोई उनके पास नहीं पहुंच सकता। आप कैसे भी क्यों ना हो अगर आपको योगी गुरु मिल जाए तो वह आपको कुंदन बना देंगे, आपकी सभी बुराइयां खत्म कर देंगे तथा अच्छे कर्मों को उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि योग साधन आश्रम मॉडल टाउन गुरु धाम है यहां पर सदगुरुदेव चमन लाल जी महाराज ने योग महादिव्य रामायण के 12 खंडों की रचना की है। यहां के रोम रोम में उनका आभास होता है। हम सबको उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन को सफल करना चाहिए। इस मौके पर आश्रम के मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि सदगुरुदेव चमन लाल जी महाराज की कृपा से ही आश्रम के सभी कार्य हो रहे हैं जहां प्रतिदिन लोगों को निशुल्क योग सिखाया जाता है। हठयोग के साथ-साथ राजयोग के बारे में बताने के लिए साप्ताहिक सत्संग होता है तथा रामनवमी, व्यास पूजा और गुरु महाराज के जन्म उत्सव पर चार दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।












